×

खाली बाल्टियां लेकर MC Office के बाहर माकपा का प्रदर्शन, सुरेश भारद्वाज ने बैठक बुला दिए निर्देश

- Advertisement -

शिमला। राजधानी शिमला में कूड़े और पानी की किल्लत को लेकर माकपा ने आज हल्ला बोला। हाथों में खाली बाल्टियां लिए माकपा कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय( MC Office) के बाहर जमकर नारेबाजी की। शहर में पानी को लेकर अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात , खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन व फजीहत के बाद सरकार भी जागी और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आईपीएच और निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की।


इस बैठक में शिमला के डीसी, नगर निगम आयुक्त, म्यूनिसपल इंजीनियर, बिजली विभाग अधिकारी, सिचाई एवं जन स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे। भारद्वाज ने शहर में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए अधिकारियों से फीड  बैक लिया और समस्या के समाधन के लिए ज़रूरी दिशा-निर्देश भी दिए ।

राजधानी शिमला में लोग पिछले कुछ समय से पानी की कमी से जूझ रहे हैं। कई वार्डों में तीन-चार दिन के बाद में पानी आ रहा है। कहीं- कहीं तो एक हफ्ते बाद लोगों को पानी के दर्शन हो रहे हैं। ऐसे में लोगों ने नगर निगम के खिलाफ जमकर गुब्बार निकाला।

जानबूझकर संकट पैदा किया बीजेपी ने

पूर्व मेयर एवं संजय चौहान ने कहा को शिमला शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 5 व 6 दिनों से पानी की सप्लाई नहीं आ रही है। जनता आज पानी के लिए त्रस्त है लेकिन बीजेपी के महापौर, उपमहापौर व पार्षद जनता की समस्याओं का समाधान के बजाय नगर निगम के खजाने को समाप्त करने में तुले हैं। पार्टी का मानना है कि  BJP जानबूझकर शहर में पानी का संकट खड़ा कर रही है ताकि शहर में पानी के वितरण को ठेके में दिया जा सके। इसके लिए बीजेपी ने पहले ही एक कंपनी का गठन कर लिया है । वह अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए आम जनता को आज पानी से मोहताज कर दिया है। बीजेपी के नगर निगम में सत्ता में आने के बाद से ही कूड़े की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है । घर घर कूड़ा उठाने वाली सब सोसाइटी के कर्मचारियों को नगर निगम जानबूझकर परेशान कर रहा है । यही कारण है कि पिछले 1 साल में नगर निगम से संबंधित सैहब सोसाइटी के कर्मचारी चार बार हड़ताल पर चले गए हैं। लेकिन नगर निगम इनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय इन्हें प्रताड़ित कर रहा है व इन्हें नौकरी से बाहर निकालने की धमकी दे रहा है ।

आज तो हड़ताल को पांच ही दिन हुए है

नगर निगम की मेयर कुसुम सदरेट ने भी माना कि शिमला में पानी एवं कूड़े की समस्या है। लेकिन इतनी नहीं जितना हल्ला मचाया जा रहा है। जब निगम में माकपा थी ,उस वक़्त एक माह तक कूड़े वाले कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। आज पांच दिन ही हड़ताल हुए है इसमें विरोध क्यों? इसी तरह पानी की किल्लत पर मेयर ने कहा कि बारिश न होने की वजह से पानी के समस्या आ रही है।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है