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सीमेंट के बने Tank में गिरा शावक, मादा तेंदुए की दहाड़ से सहमे ग्रामीण

सीमेंट के बने Tank में गिरा शावक, मादा तेंदुए की दहाड़ से सहमे ग्रामीण

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लेखराज धरटा/ शिमला। रामपुर वनमंडल क्षेत्र के निरसु गांव के समीप तेंदुए का बच्चा एक सीमेंट के बने टैंक में गिर गया। बच्चे के टैंक में गिरने के बाद मादा तेंदुए की दहाड़ से आसपास के लोग भयभीत हो गए। मादा तेंदुआ कहीं हमला न कर दे, इसलिए लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग की क्वीक रिस्पांस एंड रेस्क्यू टीम को दी। रेस्क्यू टीम ने बड़ी समझदारी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर तेंदुए के बच्चे को टैंक के बाहर निकाला। इसके बाद लोगों की जान में जान आई। बता दें कि शिमला जिले के रामपुर वनमंडल के तहत शनिवार रात को निरसु के समीप गांव के साथ सीमेंट से बने खाली टैंक में तेंदुए का शावक फंस गया।  तेंदुए के शावक के टैंक में गिरने के  बाद उस की मां ने भी पास में ही डेरा डाला और दहाड़ना शुरू कर दिया।

लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग की क्विक रिस्पांस एंड रेस्क्यू टीम को दी।  टीम ने मौके पर पहुंच कर क्षेत्र का मुआयना किया।  इस दौरान शावक की मां हिंसक होकर हमला न करे यह भी ध्यान रखा गया।  शावक की मां को भगाने के लिए पटाखों का भी प्रयोग किया गया।  टीम ने पाया की शावक लोगों के डर से सीमेंट से बने टैंक के एक किनारे पर दुबक कर बैठा है,  उसे वहां से हटाने का भी प्रयास किया गया, लेकिन वह वहीं दुबका रहा।  

लकड़ी की बालियां  टैंक में लगाकर शावक के लिए बनाया रास्ता

बिना पुख्ता सुरक्षा उपकरणों के टैंक में आदमी का कूदना भी खतरे से खाली न था। क्योंकि शावक काफी बड़ा था जो हमला कर टीम सदस्यों को घायल कर सकता था। वन विभाग के कर्मियों का यह भी प्रयास था कि शावक को कोई चोट न पहुंचे। इस लिए लकड़ी की बालियां  टैंक में लगा कर शावक के लिए रास्ता बनाया गया, ताकि लकड़ी की बलियों से होकर शावक बाहर निकले।  बालियां टैंक में डाल कर लोगों को वहां से दूर हटाया गया, ताकि घबराया शावक बाहर निकल सके।  अंत में यह अभियान  सफल हुआ शावक टंकी से बिना किसी चोट और नुकसानी के बाहर निकला।

ग्रामीण बोले, शावकों के साथ गांव के आसपास ही घूम रही मादा तेंदुआ

लोगों का कहना है कि मादा तेंदुआ अपने शावकों के साथ गांव के आसपास ही घूम रही है।  गांव आने जाने वालो को देर सवेर खतरा बना हुआ है।  निरसु निवासी सुरेंद्र ने बताया कि उन के घर के समीप सीमेंट के टैंक से दहाड़ने की आवाजें आने लगीं, उसके बाद आसपास के लोगों ने वहां जाकर देखा तो तेंदुए बच्चा पाया।  मां भी पास में ही झाड़ियों के मध्य थी। अंधेरे में मां द्वारा हमले का खतरा था। इस लिए वन विभाग को सूचना दी। डीएफओ रामपुर अशोक नेगी ने बताया कि उन्होंने सूचना मिलते ही ललित भारती व अन्य  वन विभाग की क्विक रिस्पांस एन्ड रेस्क्यू टीम को तुरंत मौके पर भेजा। सफल रेस्क्यू ऑपरेशन कर शावक को आजाद करवाया।

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