वास्तु के अनुसार इस दिशा में बनाएंगे किचन व बेडरूम तो घर में आएगी खुशहाली

हमेशा ग्राउंड फ्लोर पर ही बनाएं पूजा घर

वास्तु के अनुसार इस दिशा में बनाएंगे  किचन व बेडरूम तो घर में आएगी खुशहाली

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बाहर हम जितना मर्जी घूम लें लेकिन सुकून घर में आ कर ही मिलता है। अगर घर वास्तु के अनुसार बना हो उसमें सकारात्मक ऊर्जा का वास रहता है और घर में रहने वाले सदस्य निरोग, सुखी और धनवान बनते हैं। जब हम घर बनाते हैं तो जाने या अनजाने कुछ ऐसे वास्तु दोष रह जाते हैं जो पूरे परिवार की सुख और शांति को छीन लेते हैं। अगर आप चाहते हैं कि आप के घर पर सुख शांति बनी रहे तो घर बनाते समय वास्तु के नियमों को जाने…


किसी भी घर में पूजा का स्थान सबसे महत्वूपर्ण माना गया है। यदि ये सही जगह पर न हो या पूजाघर की जगह कुछ अन्य चीजे रखी हो तो इससे बहुत ही बुरा प्रभाव घर पर पड़ता है। मन की शांति और घर के चौमुखी विकास के लिए पूजाघरउत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण पर ही होना चाहिए। पूजाघर के ऊपर या नीचे कभी टॉयलेट या रसोईघर न हो। इतना ही नहीं इसे सट कर भी न हो। सीढ़ियों के नीचे यदि पूजाघर बनाने की सोच रहे तो ये विचार भी बदल लें। पूजा घर हमेशा ग्राउंड फ्लोर पर रखें।

किसी घर-ऑफिस का मुख्य द्वार पूर्व या उत्तर में ही होना चाहिए। सबसे श्रेष्ठ यही दिशाएं होती हैं। पूर्व दिशा में मुख्य द्वार होने से सूर्य कि किरणें अपने साथ नकारातमकता को हर लेती हैं। उत्तरमुखी भवन में लगाए जाने वाले मुख्य दरवाजे को चौकोर ही रखें। इसे गोल आकार या कोई अन्य आकार न दें। उत्तर की ओर खुला छत रखना चाहिए ताकि सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता रहे।

किचन यदि सही दिशा में न हो तो ये परिवार में बीमारियों का कारण बनता है। रसोईघर हमेशा घर के आग्नेय कोण यानी दक्षिण-पूर्वी दिशा में होना चाहिए। यह दिशा अग्नि देव की होती है। यदि दक्षिण-पूर्व दिशा नहीं मिल पा रही किचन के लिए तो आप उत्तर-पश्चिम दिशा भी रख सकते हैं।

घर में बेडरूम दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) या उत्तर-पश्चिम (वायव्य) की ओर होना चाहिए। यदि आपका घर कई मंजिला है तो अपना मास्टर बेडरूम ऊपरी मंजिल के दक्षिण-पश्चिम कोने पर बनाएं। याद रखें कभी भी बेडरूम में शीशा न रखें और न ही दरवाजे के सामने बेड। सोते समय पैर दक्षिण और पूर्व दिशा में न करें।

बाथरुम और टॉयलेट कभी साथ-साथ न बनाएं क्योंकि बाथरुम में चंद्रमा और टॉयलेट में राहू का वास माना गया है। इन दोनों का साथ होने का मतलब है चंद्रग्रहण। ये आपके घर में कलह का कारण बन सकता है। बाथरुम हमेशा पूर्व दिशा में हो या नहाते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर की ओर हो। टॉयलेट पश्चिम दिशा के मध्य या दक्षिण दिशा के मध्य होना चाहिए। टॉयलेट की सीट पर बैठते समय आपका मुख दक्षिण या उत्तर की ओर होना चाहिए।

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