गीता जयंतीः मनुष्य के सभी धर्म और कर्म का ब्यौरा है श्री मद भगवद्‍गीता में

गीता जयंतीः मनुष्य के सभी धर्म और कर्म का ब्यौरा है श्री मद भगवद्‍गीता में

- Advertisement -

हिंदू पौरांणिक ग्रथों में गीता का स्थान सर्वोपरि रहा है। मान्यता है कि द्वापर युग में मार्गशीष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया था। इसीलिए यह दिन गीता जयंती के नाम से प्रसिद्ध है। गीता जयंती यानी वह दिन जब गीता का उद्भव हुआ। जब गीता के उपदेश भगवान श्रीकृष्ण के श्रीमुख से अर्जुन के लिए निकले।

कुरुक्षेत्र की भूमि पर हुआ गीता का जन्म

दरअसल कुरुक्षेत्र की भूमि पर ही गीता का जन्म हुआ जब भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को गीता का उपदेश दिया। गीता-जयंती के दिन ही महाभारत के युद्ध से पहले भगवान श्रीकृष्ण ने भ्रमित अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। श्रीकृष्ण ने ही अर्जुन को कर्म और धर्म की परिभाषा को बताया और उसे निभाने के लिए प्रेरित किया। गीता ज्ञान का अद्भुत भंडार है। भगवान कृष्ण ने इस अद्भुत ग्रंथ में कहा कि धैर्य के बिना अज्ञान, दुख, मोह, क्रोध, काम और लोभ से निवृत्ति नहीं मिलेगी। गीता कलयुग के पापों का क्षय करने का अद्भुत और अनुपम माध्यम है। भगवान ने बताया कि दुर्लभ मनुष्य जीवन हमें केवल भोग विलास के लिए नहीं मिला है, इसका कुछ अंश भक्ति और सेवा में भी लगाना चाहिए। गीता के अट्ठारह अध्यायों में मनुष्य के सभी धर्म और कर्म का ब्यौरा है । भगवद्गीता के पठन-पाठन श्रवण और मनन-चिंतन से जीवन में उदारता का उद्भव होता है।

भगवान श्रीकृष्ण के मुख से कही गई गीता

हिंदू धर्म में यह इकलौता ऐसा धर्मग्रंथ माना जाता है जो भगवान के मुख से कही गई है। भगवान् ने श्रीमुख से स्वयं कहा है कि गीता का पाठ करना और उस को सुनना सुनाना ज्ञान-यज्ञ है, उस से मैं पूजा जाता हूं। इसलिए व्यक्ति को चाहिए के वह एक विश्वासी और श्रद्धावान यजमान बन कर बड़े गम्भीर भाव से इस यज्ञ को किया करे और इसको परमेश्वर का पु्ण्यरुप पूजन ही समझे। गीता में 18 अध्याय है और 700 से ज्यााद श्लोक है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि अर्जुन से पहले यह गीता उपदेश भगवान सूर्य देव को दिया गया था।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Google+ Join us on Google+ Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

राशिफल

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है