छठ पर्व पर कैसे करें पूजा, जानें क्या हैं व्रत के नियम

छठ पर्व पर कैसे करें पूजा, जानें क्या हैं व्रत के नियम

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भगवान सूर्य और छठी मैया की उपासना का महापर्व यानी छठ शुरू हो गया है। छठ पूजा भगवान सूर्य की उपासना का सबसे प्रसिद्ध त्‍योहार है। इस त्‍योहार को षष्ठी तिथि पर मनाया जाता है, जिस कारण इसे सूर्य षष्ठी व्रत या छठ कहा गया है। कार्तिक शुक्लपक्ष की षष्ठी पर मनाए जाने वाले इस त्‍योहार को कार्तिकी छठ कहा जाता है। ये व्रत संतान प्राप्ति और संतान की मंगलकामना के लिए रखा जाता है। छठ पूजा की पूजा सामग्री विशेष होती है। हम आपको बताते हैं कि इस पर्व पर कैसे करें पूजा और क्या हैं व्रत नियम…


पूजा की सामग्री : दो से तीन बड़ी बांस से टोकरी, सूप, पानी वाला नारियल, गन्ना, लोटा, लाल सिंदूर, धूप, बड़ा दीपक, चावल, थाली, दूध, गिलास, अदरक और कच्ची हल्दी, केला, सेब, सिंघाड़ा, नाशपाती, मूली, आम के पत्ते, शकरकंद, सुथनी, मीठा नींबू (टाब), मिठाई, शहद, पान, सुपारी, कैराव, कपूर, कुमकुम और चंदन।

पूजा विधि :

नहाय-खाए के दिन सभी व्रती सिर्फ शुद्ध आहार का सेवन करें।

खरना के दिन शाम के समय गुड़ की खीर और पुड़ी बनाकर छठी माता को भोग लगाएं। सबसे पहले व्रती खीर खाएं बाद में परिवार और ब्राह्मणों को दें।

छठ के दिन घर में बने हुए पकवानों को बड़ी टोकरी में भरें और घाट पर जाएं।

घाट पर ईख का घर बनाकर बड़ा दीपक जलाएं।

व्रती घाट में स्नान करने के लिए उतरें और दोनों हाथों में डाल को लेकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें।

सूर्यास्त के बाद घर जाकर परिवार के साथ रात को सूर्य देवता की ध्यान और जागरण करें।

सप्तमी के दिन सूर्योदय से पहले ब्रह्म मुहूर्त में सारे व्रती घाट पर पहुंचे। इस दौरान वो पकवानों की टोकरियों, नारियल और फलों को साथ रखें।

सभी व्रती उगते सूरज को डाल पकड़कर अर्घ्य दें।

छठी की कथा सुनें और प्रसाद का वितरण करें।

आखिर में व्रती प्रसाद ग्रहण कर व्रत खोलें।

छठ पूजा के दौरान व्रतियों को कुछ नियमों का भी पालन करना होता है जिनके बारे में हम आपको बता रहे हैं …

  • व्रती छठ पर्व के चारों दिन नए कपड़े पहनें। महिलाएं साड़ी और पुरुष धोती पहनें।
  • छठ पूजा के चारों दिन व्रती जमीन पर चटाई बिछाकर सोएं।
  • व्रती और घर के सदस्य भी छठ पूजा के दौरान प्याज, लहसुन और मांस-मछली ना खाएं।
  • पूजा के लिए बांस से बने सूप और टोकरी का इस्तेमाल करें।
  • छठ पूजा में गुड़ और गेंहू के आटे के ठेपुआ, फलों में केला और गन्ना ध्यान से रखें।

छठ पूजा के समय छठी माता को विशेष भोग अर्पित किया जाता है। ये पूजा तीन दिन होती है और इन तीनों ही दिनों में मईया को अलग-अलग भोग लगाया जाता है। पहले दिन प्रसाद के रूप में सेंधा नमक, घी से बना हुआ अरवा चावल और कद्दू की सब्जी का भोग लगाया जाता है। दूसरे दिन प्रसाद के रूप में गन्ने के रस में बने हुए चावल की खीर के साथ दूध, चावल का पिट्ठा और घी चुपड़ी रोटी बनाई जाती है। इसमें नमक और शक्कर का उपयोग नहीं किया जाता है। इसके अलावा ठेकुआ, मालपुआ, खीर, खजूर, चावल का लड्डू और सूजी का हलवा आदि छठ मइया को प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है।

 

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