इस बार गुरु पूर्णिमा के दिन है चंद्र ग्रहण, जानिए क्या होंगे प्रभाव

इस बार गुरु पूर्णिमा के दिन है चंद्र ग्रहण, जानिए क्या होंगे प्रभाव

- Advertisement -

जब चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी छाया में आ जाता है तो उस खगोलीय स्थिति को चंद्र ग्रहण कहते हैं। ऐसा तभी संभव हो सकता है जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा इस क्रम में लगभग एक सीधी रेखा में हों तो इस तरह चंद्र ग्रहण केवल पूर्णिमा को ही घटित हो सकता है। चंद्र ग्रहण (Lunar eclipse) शुरू होने के बाद यह पहले काले और फिर धीरे-धीरे लाल रंग में बदल जाता है। सूर्य ग्रहण को आप आंखों पर बिना किसी सुरक्षा के नहीं देख सकते हैं। वहीं इसके उलट चंद्र ग्रहण को आप बिना किसी सुरक्षा के देख सकते हैं। यह ग्रहण उत्तराषाढ़ा नक्षत्र एवं धनु, मकर राशि पर अंतरीन नक्षत्र राशि वाले को ग्रहण दर्शन नहीं करना चाहिए। पूर्णिमा की रात्रि में चंद्र ग्रहण के घटित होने से प्रकृति और मानव जीवन में कई बदलाव देखने को मिलते हैं। ये परिवर्तन अच्छे और बुरे दोनों प्रकार के हो सकते हैं। यह चंद्र ग्रहण आधी रात में होगा। रात्रि 1:32 पर ग्रहण लगेगा एवं मोक्ष 4:30 पर होगा।।


यह भी पढ़ें :- नींबू के ये टोटके आपके जीवन में लाएंगे सुख और तरक्की


16 जुलाई को पड़ने वाले चंद्र ग्रहण की अवधि करीब तीन घंटे तक रहेगी। 16 की रात करीब 1.32 बजे ग्रहण की शुरुआत होगी और रात 3 बजे तक ग्रहण का मध्य रहेगा और सुबह 4.30 बजे ग्रहण का मोक्ष होगा। 16 जुलाई को पड़ने वाला खग्रास चंद्र ग्रहण गुरु पूर्णिमा के दिन पड़ रहा है। यह खग्रास चंद्र ग्रहण मंगलवार और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में पड़ रहा है। ऐसे में संभव है कि चंद्र ग्रहण के प्रभाव से राजनीतिक उथल-पुथल के साथ ही प्राकृतिक आपदा (Natural disaster) की स्थति बन सकती है। जिस तरह चंद्रमा के प्रभाव से समुद्र में ज्वार भाटा आता है, ठीक उसी प्रकार चंद्र ग्रहण की वजह से मानव समुदाय प्रभावित होता है। हर वर्ष पृथ्वी पर चंद्र ग्रहण घटित होते हैं। यह ग्रहण भारत और अन्य एशियाई देश के साथ साथ दक्षिण अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया में भी दृश्य होगा। इस चंद्र ग्रहण का प्रभाव विशेष रूप से भारतीय राजनीति पर पड़ सकता है। जिससे राजनीति के वो लोग जिनकी राशि मेष, वृष, कन्या, वृश्चिक, धनु व मकर है, उन्हें लाभ होगा। चूंकि यह चंद्र ग्रहण मंगलवार और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में पड़ रहा है। इसके प्रभाव से राजनीतिक उथल-पुथल के साथ ही प्राकृतिक आपदा की स्थिति बनने की संभावना है।

भारतीय समय के अनुसार 17 जुलाई 2019 लगेगा। ग्रहण व सूतक का समय इस प्रकार है –

ग्रहण प्रारंभ – 01:32 बजे (17 जुलाई 2019)

ग्रहण समाप्त – 04:29 बजे (17 जुलाई 2019)

सूतक प्रारंभ – 15:55 बजे (16 जुलाई 2019)

बच्चों, बुजूर्गों व बिमारों के लिये सूतक शुरु होगा – 21:55 बजे (16 जुलाई 2019)

सूतक समाप्त – 04:29 बजे (17 जुलाई 2019)

अपने से देव की आराधना एवं भगवान की पूजा पाठ करना चाहिए।।

इस चन्द्र ग्रहण का प्रभाव मेष राशि, सिंह राशि, वृश्चिक राशि, मिथुन राशि वाले के लिए सामान्य रहेगा। जबकि तुला, कर्क, कुंभ एवम मीन राशि के लिए शुभ रहेगा राशि वाले के लिए शुभ फलदायक रहेगा।।

चंद्र ग्रहण का किसी राज्य या देश की शासन प्रणाली में परिवर्तन देता है। कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली में बदलाव होता है। इसके अलावा वातावरण में भी कई तरह की तब्दीली देखी जाती हैं. बताया जाता है कि चंद्र ग्रहण के पश्चात इंसान की जीवनशैली और उसके व्यवहार में परिवर्तन आ जाता है। यदि चंद्र ग्रहण के दिन धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से उपाय किए जाएं तो आपका जीवन खुशहाली की ओर बढ़ चलेगा। वहीं यदि चंद्र ग्रहण के दिन गलत उपाय किए जाते हैं तो कई तरह के दोष हमारे जीवन में आ जाते हैं।

बरतें ये सावधानियां –

किसी भी प्रकार के शुभ कार्य ग्रहण के दिन न करें।

अपने मन में दुर्विचारों को न पनपने दें। इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें और अपने आराध्य देव का ध्यान लगायें।

जिन जातकों की कुंडली में शनि की साढ़े साती या ढईया का प्रभाव चल रहा है, वे शनि मंत्र का जाप करें एवं हनुमान चालीसा का पाठ भी अवश्य करें।

जिन जातकों की कुंडली में मांगलिक दोष है, वे इसके निवारण के लिये चंद्रग्रहण के दिन सुंदरकांड का पाठ करें तो इसके सकारात्मक परिणाम मिलेंगें।

आटा, चावल, चीनी, श्वेत वस्त्र, साबुत उड़द की दाल, सतनज, काला तिल, काला वस्त्र आदि किसी गरीब जरूरतमंद को दान करें।

विशेष रूप से धनु एवम मकर राशि वाले को यह ग्रहण नहीं देखना चाहिए।

चंद्र ग्रहण के दौरान किसी व्यक्ति को भोजन नहीं करना चाहिए, साथ ही इस समय पानी पीने की भी मनाही होती है।

हालांकि, बीमार लोग या बच्चे इस नियम से बंधे नहीं होते हैं। किसी भी ग्रहण के बाद स्नान जरूर करना चाहिए।

जो ग्रहण जहां नहीं दिखाई देता उसका दान पुण्य का कोई महत्व नहीं होता।।

चंद्र ग्रहण आषाढ़ी (पूर्णिमा गुरु) पूर्णिमा के दिन होगा उस दिन उसका सूतक शाम को 4:30 पर लागू रहेगा।

आम निदान होता है जो गुरुओं के आश्रम पर उस दिन जो खाने के लिए जाते हैं उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि 4:30 बजे बाद भोजन नहीं करना चाहिए ।

सूतक लगने पर भोजन नहीं होता है और भोजन नहीं करना चाहिए।

ग्रहण के समय राहु केतु का दान दिया जाता है जो राहु केतु के दान लेने वाले हैं वह ग्रहण में मांगने के लिए आते हैं उन्हें ही दान दिया जाता है अन्य लोग उसका दान लेने के पात्र नहीं होते हैं।

सलाह दी जाती है कि चन्द्र ग्रहण के दिन बुजुर्ग, रोगी एवं बच्चों को छोड़कर घर के बाकी सदस्य भोजन न करें।

गर्भवती स्त्रियोँ को ग्रहण में घर के अंदर ही रहने की सलाह दी जाती है दरअसल माना जाता है कि ग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा होता है इसलिये घर में रहकर मंत्रोंच्चारण करें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

ग्रहों का अशुभ फल समाप्त करने और विशेष मंत्र सिद्धि के लिये इस दिन नवग्रह, गायत्री एवं महामृत्युंजय आदि शुभ मंत्रों का जाप करें। दुर्गा चालीसा, विष्णु सहस्त्रनाम, श्रीमदभागवत गीता, गजेंद्र मोक्ष आदि का पाठ भी कर सकते हैं।


हिमाचल अभी अभी Mobile App का नया वर्जन अपडेट करने के लिए इस link पर Click करें ….

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook. Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Top : News

सलौणी में टैंकर और स्कूटी की टक्कर में एक की मौत, एक घायल

जवालीः करोड़ों के फर्जीवाड़े मामले में तीन कंपनियों सहित पांच लोगों पर एफआईआर

अलर्ट: हिमाचल में निर्मित इन 6 जरूरी दवाओं के सैंपल हुए फेल, खरीदने की गलती मत करना!

वीडियो: मंडी के सरकारी स्कूल में मिड डे मील के दौरान जातीय भेदभाव, मामला दर्ज

मंडीः घर निर्माण में लगाया जा रहा था सरकारी सीमेंट, महिला सहित दो पर एफआईआर

बिक्रम ठाकुर का इन्वेस्टर मीट में गड़बड़ियों से इनकार, बताया कितना हुआ खर्च

जयराम का वार-इन्वेस्टर मीट से अधिक तो कांग्रेस ने मिट्टी हटाने पर ही खर्च डाले

खुशखबरी: HPPSC ने निकाली स्कूल लेक्चरर के 396 पदों पर वैकेंसी, पुराने आवेदकों के लिए सूचना

हिमाचल: भारी बारिश-बर्फबारी की चेतावनी के बीच सात जिलों में येलो अलर्ट जारी

प्रश्नकालः कांगड़ा हवाई अड्डा विस्तारीकरण, पौंग विस्थापित मामले में क्या बोली सरकार

"खाने में हम साझेदार" तस्वीरों-Video में देखें विधानसभा सदन के बाहर के नजारे

इन्वेस्टर्स मीट को लेकर विपक्ष के बखेड़े के बीच संयुक्त अरब अमीरात का एक पत्र आया सामने

जयराम की जोरदार चोट, बोले - नेता प्रतिपक्ष को सीट बेल्ट बांधकर सदन में आना चाहिए

राजनीतिक जीवन में पहली बार देखा महंगाई का ऐसा रौद्र रूप : वीरभद्र सिंह

Breaking : बैटरी लैड बनाने वाले उद्योग में आग, 60 लाख का नुकसान

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

राशिफल

Himachal Abhi Abhi E-Paper




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है