जानिए राखी बांधने के लिए क्यों जरूरी है शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना

जानिए राखी बांधने के लिए क्यों जरूरी है शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना

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श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार भद्रा समय में श्रावणी और फाल्गुनी दोनों ही नक्षत्र समय अवधि में राखी बांधने का कार्य करना वर्जित होता है। इस वर्ष 2019 में रक्षाबंधन का पर्व (Raksha bandhan festival) भद्रा रहित रहेगा। एक मान्यता के अनुसार श्रावण नक्षत्र में राजा ओर फाल्गुणी नक्षत्र में राखी बांधने से प्रजा का अनिष्ट होता है। यही कारण है कि राखी बांधते समय, समय की शुभता का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है। इस वर्ष 2019 में रक्षाबंधन का त्योहार 15 अगस्त को मनाया जाएगा। 15 अगस्त को रक्षाबंधन अनुष्ठान का समय प्रातः 05:59 से 17:59 और शुभ मुहूर्त- 13:44 से 16:22 तक रहेगा।


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ऐसे करें राखी बांधने की तैयारी

इस दिन बहनें प्रात: काल में स्नानादि से निवृत्त होकर कई प्रकार के पकवान बनाती हैं। इसके बाद पूजा की थाली सजाई जाती है। थाली में राखी के साथ कुमकुम रोली, हल्दी, चावल, दीपक, अगरबती, मिठाई और कुछ पैसे भी रखे जाते हैं। सर्वप्रथम अपने ईष्ट देव की पूजा की जाती है। भाई को चयनित स्थान पर बिठाया जाता है। इसके बाद कुमकुम हल्दी से भाई का टीका करके चावल का टीका लगाया जाता है, अक्षत सिर पर छिड़के जाते हैं, आरती उतारी जाती है और भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधी जाती है। पैसे उसके सिर से उतारकर, गरीबों में बांट दिये जाते हैं।

इस पवित्र दिन सभी बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं, उन्हें मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा करती हैं और अपनी रक्षा का वचन लेती हैं। भाई भी राखी बंधवाने के बाद अपनी बहनों को वचन देने के साथ ही कोई तोहफा व लिफाफा भी देते हैं। इसी तरह हंसी-ठिठोली के बीच परिवार के सभी सदस्य साथ बैठकर राखी के त्योहार को मनाते हैं। भारत के अन्य त्योहारों की तरह इस त्योहार पर भी उपहार और पकवान अपना विशेष महत्व रखते हैं। इस पर्व पर भोजन प्राय: दोपहर के बाद ही किया जाता है। इस समय बहनें अपने ससुराल से राखी बांधने के लिए मायके आती हैं।

रक्षा बंधन मंत्र :

राखी बांधते समय बहनें निम्न मंत्र का उच्चारण करें, इससे भाईयों की आयु में वृ्द्धि होती है —

येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल: I तेन त्वांमनुबध्नामि, रक्षे मा चल मा चल II

राखी बांधते समय उपरोक्त मंत्र का उच्चारण करना विशेष शुभ माना जाता है। इस मंत्र में कहा गया है कि जिस रक्षा डोर से महान शक्तिशाली दानव के राजा बलि को बांधा गया था, उसी रक्षाबंधन से में तुम्हें बांधती हूं यह डोर तुम्हारी रक्षा करेगी।

पंडित दयानंद शास्त्री, उज्जैन (म.प्र.) (ज्योतिष-वास्तु सलाहगाड़ी) 09669290067, 09039390067


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