मां बगलामुखी जयंती पर इस विधि से करें पूजा-पाठ

शत्रुओं से रक्षा करती मां बगलामुखी

मां बगलामुखी जयंती पर इस विधि से करें पूजा-पाठ

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दस महाविद्या में से बगलामुखी आठवां स्वरूप है। वैशाख शुक्ल अष्टमी को देवी बगलामुखी की जयंती मनाई जाती है। बंगलामुखी जयंती 12 मई, रविवार को मनाई जाएगी। मां की साधना शत्रु बाधा से मुक्ति के लिए बहुत ही कारगर व अचूक मानी गई है। मां बगलामुखी अपने भक्तों की सभी परेशानियां दूर करती हैं, शत्रुओं से रक्षा करती हैं, बुरी नजर और बुरी शक्तियों से बचाती हैं। देवी मां को पीला रंग बहुत प्रिय है, इस कारण इनकी पूजा में पीले रंग की पूजन सामग्री का उपयोग विशेष रूप से किया जाता है। देवी मां के इस स्वरूप की पूजा बहुत सावधानी से करनी चाहिए। इसी वजह से किसी ब्राह्मण के मार्गदर्शन में ही देवी के इस स्वरूप की पूजा करेंगे तो बेहतर रहेगा। साथ ही, देवी के भक्तों को साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।


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व्रत
व पूजन विधिः इस दिन प्रातः काल उठे, नियत कर्मों से निवृत होकर पीले रंग का वस्त्र धारण करें। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार व्रती को साधना अकेले मंदिर में अथवा किसी सिद्ध पुरुष के साथ बैठकर माता बगलामुखी की पूजा करनी चाहिए। पूजा की दिशा पूर्व में होना चाहिए। पूर्व दिशा में उस स्थान को जहां पर पूजा करना है। उसे सर्वप्रथम गंगाजल से पवित्र कर लें। तत्पश्चात उस स्थान पर एक चौकी रख उस पर माता बगलामुखी की प्रतिमूर्ति को स्थापित करें। तत्पश्चात आचमन कर हाथ धोए, आसन पवित्र करे। माता बगलामुखी व्रत का संकल्प हाथ में पीले चावल, हरिद्रा, एवम पीले फूल तथा दक्षिणा लेकर करें। माता की पूजा धुप, दीप, अगरबत्ती एवम विशेष में पीले फल, पीले फूल, पीले लड्डू का प्रसाद चढ़ा कर करना चाहिए। व्रत के दिन व्रती को निराहार रहना चाहिए। रात्रि में फलाहार कर सकते है। अगले दिन पूजा करने के पश्चात भोजन ग्रहण करे।

उपायः दरिद्रता के मुक्ति चाहते हैं तो मां बगलामुखी के सामने हल्दी की माला का उपयोग करते हुए इस मंत्र का जाप 108 बार या 1008 बार करें।

मंत्र- श्रीं ह्रीं ऐं भगवती बगले मे श्रियं देहि देहि स्वाहा। इस मंत्र का जाप सही उच्चारण के साथ करें। अगर जाप करने में कोई परेशानी आ रही हो तो किसी अन्य ब्राह्मण से जाप करवा सकते हैं।

कृपा पाने के लिएः बगलामुखी जयंती पर देवी मां हल्दी की दो गांठ चढ़ाएं। पूजा करें और पूजा के बाद एक गांठ अपने पास रख लें। इस उपाय से देवी मां की कृपा हमारे साथ रहती है और बुरी नजर से रक्षा होती है।

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