ये उपाय करेंगे तो अवश्य मिलेगी परीक्षा में सफलता

ये उपाय करेंगे तो अवश्य मिलेगी परीक्षा में सफलता

- Advertisement -

इन दिनों बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं। छात्र परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं पर कई बार परिणाम उस तरह से नहीं आता, जिस तरह से आप ने तैयारी की होगी है। अगर मेहनत के साथ कुछ ज्योतिष के उपाय करें तो बेहतर रहता हैं। आज हम आप को कुछ ऐसे  उपाय बता रहे हैं जो आप को बेहतर परिणाम दिलाने में सहायक होते हैं। किसी भी जन्मकुंडली में चन्द्रमा मन का कारक होता है चंद्र, बुध व् गुरु ग्रह विद्या प्राप्ति में मुख्य सहायक होते है। जन्मकुंडली में अगर चंद्र के साथ राहु , केतू का योग है अथवा चन्द्रमा 6,8 या 12 भाव में है तो चांदी के गिलास में पानी पिए , घर में बारिश का पानी रखे।

 

यह भी पढ़ें  :  जरा सोच-समझकर धारण करें रत्न, पड़ सकता है उल्टा प्रभाव

 

भारतीय सनातन संस्कृति में मां सरस्वती को ज्ञान और विद्या की प्राप्ति के लिए पूजा जाता है, अतः माता पिता गुरु और ईश्वर का आशीर्वाद प्रतिदिन अवश्य ले कर पढाई करे। ऐसा करने से उस छात्र पर हमेशा ईश्वर की कृपा बनी रहती है ।
कई बार लोग प्रश्न करते है हमारे  बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लगता है या पढाई करने के बाद सब भूल जाते है ऐसे लोगों के लिए वास्तु प्रयोग अवश्य कारगर होगा।
जाने क्या हैं वे लाभ 
  •  माता पिता बच्चो के अध्ययन कक्ष का चयन खुले और स्वच्छ जगह में करें, जिससे उनका पढाई में मन लगे  इसके लिए दिशाओं का बहुत प्रभाव होता है।
  • पढाई करते समय  पूर्व या उत्तर दिशा में मुंह करके अध्धयन करे।आप की कुर्सी -मेज इस तरह से हो की पढाई के समय  मुंह ईशान कोण की तरफ ही रहे।
  • अध्ययन कक्ष में पढाई करने के बाद कभी भी कोई कॉपी, किताबें, पेन को खुला न रखें पढ़ने के बाद उन्हें बैग या अलमारी में रखे।
  •  हमेशा बैठ कर पढाई करें कभी भी बिस्तर या लेट कर पढ़ाई न करे।
 अध्ययन करते समय आचार विचार शुद्ध होना चाहिए इसके लिए सात्विक भोजन करे , जहा पर आप पढाई करते है वहां बैठ कर या टेबल कुर्सी पर खाना
नहीं खाना चाहिए।
  •  खाना खाते समय पढ़ाई की टेबल पर कॉपी किताबें बंद करके ,खाना खाने के लिए बनाये गए स्थान पर ही खाना चाहिए
  • पढ़ाई करते समय अपने इष्ट देव का ध्यान करते हुए कॉपी किताबों को अपने मस्तक से लगाकर पढ़ें।
  •  विद्या प्राप्ति का सबसे उपयुक्त समय ब्रह्म मुहूर्त अर्थात सुबह के 4 बजे का माना गया है उस काल में पढ़ने से कई गुना ज्यादा और तेजी से अपना पाठ याद होता है इसलिए पड़ने वाले छात्रों को सुबह सवेरे पढ़ाई की आदत अवश्य ही डालनी चाहिए ।
  • भूलकर भी विद्यार्थियों को घर पर पढ़ते समय जूते – मोज़े नहीं पहनने चाहिए।
  • मोर का पंख अध्ययन  रूम में लगाए व मोर पंख अपने पास रखने से मन पढाई में लगता है ।
  • भूलकर भी सीढ़ियों के नीचे या बीम के नीचे कभी भी बैठ कर पढाई या भोजन न करे।
ज्योतिषाचार्य पं दयानन्द शास्त्री, उज्जैन ( मध्य प्रदेश) मोबाइल–7000395415, 9669290067, वाट्सऐप–9039390067

हिमाचल अभी अभी की मोबाइल एप अपडेट करने के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Google+ Join us on Google+ Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

राशिफल

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है