Covid-19 Update

290
मामले (हिमाचल)
77
मरीज ठीक हुए
05
मौत
1,65,799
मामले (भारत)
58,08,946
मामले (दुनिया)

पति की लंबी उम्र के लिए जरूर रखें वट सावित्री व्रत

ज्येष्ठ माह की अमावस्या को पूजन का विधान

पति की लंबी उम्र के लिए जरूर रखें वट सावित्री व्रत

- Advertisement -

ज्येष्ठ माह की अमावस्या को वट सावित्री व्रत के पूजन का विधान है। इस दिन महिलाएं अपने सुखद वैवाहिक जीवन की कामना से वटवृक्ष की पूजा-अर्चना कर व्रत करती हैं। वट सावित्री व्रत में ‘वट’ और ‘सावित्री’ दोनों का विशेष महत्व माना गया है। इस संसार में अनेक प्रकार के वृक्ष हैं उनमें से बरगद के पेड़ का भी विशेष महत्व है। वट वृक्ष तो दीर्घायु और अमरत्व का प्रतीक है। पुराण के अनुसार बरगद में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों का निवास होता है। इस वृक्ष के नीचे बैठकर पूजन, व्रत कथा आदि सुनने से मनोवांछित फल की प्राप्ति शीघ्र ही होती है।


मृत्यु के देवता यमराज ने जब सावित्री के पति सत्यवान के प्राण का हरण किया तब सावित्री ने अपने पति के प्राण की रक्षा के लिए यमराज से तीन दिन शास्त्रार्थ की उसके बाद प्रसन्न होकर यमराज ने सत्यवान को पुनः जीवित कर दिया। यमराज और सावित्री के मध्य शास्त्रार्थ वटवृक्ष के नीचे हुई थी इसी कारण सावित्री के साथ वट वृक्ष का भी संबंध जुड़ गया और बरगद का महत्त्व बढ़ गया। भारतीय संस्कृति में सावित्री नाम का चरित्र लोकविश्रुत है। सावित्री का अर्थ वेद माता गायत्री और सरस्वती भी होता है। सावित्री का जन्म भी विशिष्ट परिस्थितियों में हुआ था।

कहते हैं कि भद्र देश के राजा अश्वपति को कोई भी संतान नहीं न थी। उन्होंने संतान पाने के लिए मंत्रोच्चारण के साथ प्रतिदिन एक लाख आहुतियां दीं। अठारह वर्षों तक यह क्रम निरन्तर चलता रहा। इसके बाद सावित्री देवी प्रकट होकर वर दिया कि ‘राजन तुझे एक तेजस्वी कन्या की उत्पत्ति होगी।’

सावित्री देवी की आशीर्वाद से जन्म लेने के कारण कन्या का नाम सावित्री रखा गया। कन्या बहुत ही बुद्धिमान तथा रूपवान थी। उनके लिए योग्य वर न मिलने की वजह से सावित्री के पिता दुःखी रहते थे। उन्होंने कन्या को स्वयं वर तलाशने भेजा। सावित्री तपोवन में भटकने लगी। वहां साल्व देश के राजा द्युमत्सेन रहते थे क्योंकि उनका राज्य किसी ने छीन लिया था। उनके पुत्र सत्यवान को देखकर सावित्री ने पति के रूप में स्वीकार कर लिया। सत्यवान अल्पायु थे। वे वेद ज्ञाता थे। नारद मुनि ने सावित्री को सत्यवान से विवाह न करने की सलाह दी परंतु सावित्री ने सत्यवान से ही विवाह रचाया। पति की मृत्यु की तिथि में जब कुछ ही दिन शेष रह गए तब सावित्री ने घोर तपस्या की जिसका फल उन्हें मिला जो हम सभी सत्यवान-सावित्री कथा के रूप में जानते हैं।

ऐसे करें वट सावित्री व्रत पूजा

सामान्य पूजा के अनुसार इस दिन महिलाएं सुबह स्नान कर नए वस्त्र पहनकर, सोलह श्रृंगार करती हैं। इस दिन निराहार रहते हुए सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष में कच्चा सूत लपेटते हुए परिक्रमा करती हैं। वट पूजा के समय फल, मिठाई, पूरी, पुआ भीगा हुआ चना और पंखा चढ़ाती हैं । उसके बाद सत्यवान व सावित्री की कथा सुनती हैं। पुनः सावित्री की तरह वट के पत्ते को सिर के पीछे लगाकर घर पहुंचती हैं। इसके बाद पति को पंखा झलती हैं जल पिलाकर व्रत तोड़ती हैं। विशेष रूप में इस पूजन में स्त्रियां चौबीस बरगद फल (आटे या गुड़ के) और चौबीस पूरियां अपने आंचल में रखकर बारह पूरी व बारह बरगद फल वट वृक्ष में चढ़ा देती हैं। वृक्ष में एक लोटा जल चढ़ाकर हल्दी-रोली लगाकर फल-फूल, धूप-दीप से पूजन करती हैं।

कच्चे सूत को हाथ में लेकर वे वृक्ष की बारह परिक्रमा करती हैं। हर परिक्रमा पर एक चना वृक्ष में चढ़ाती जाती हैं और सूत तने पर लपेटती जाती हैं। परिक्रमा के पूरी होने के बाद सत्यवान व सावित्री की कथा सुनती हैं। उसके बाद बारह कच्चे धागा वाली एक माला वृक्ष पर चढ़ाती हैं और एक को अपने गले में डालती हैं। पुनः छह बार माला को वृक्ष से बदलती हैं, बाद में एक माला चढ़ी रहने देती हैं और एक स्वयं पहन लेती हैं। जब पूजा समाप्त हो जाती है तब स्त्रियां ग्यारह चने व वृक्ष की बौड़ी (वृक्ष की लाल रंग की कली) तोड़कर जल से निगलती हैं और इस तरह व्रत तोड़ती हैं।

इसके पीछे यह मिथक है कि सत्यवान जब तक मरणावस्था में थे तब तक सावित्री को अपनी कोई सुध नहीं थी लेकिन जैसे ही यमराज ने सत्यवान को जीवित कर दिए तब सावित्री ने अपने पति सत्यवान को जल पिलाकर स्वयं वटवृक्ष की बौंडी खाकर जल ग्रहण किया था।

चौखट पर स्थापित करें श्वेत गणपति के साथ चांदी का श्रीयंत्र

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook. Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Top : News

कोरोना ब्रेकिंगः Kangra जिला के जसाई गांव की 60 वर्षीय महिला निकली पॉजिटिव

शिक्षा मंत्री Suresh Bhardwaj की दोनों भांजियां बेरोजगार, गलत प्रचार वालों के खिलाफ FIR

पड़ोसी राज्यों से टिड्डी दल के हमले को लेकर Himachal में अलर्ट

Tiktok के शौक ने ले ली जान, यूपी के पांच किशोर गंगा में डूबे

स्वास्थ्य निदेशक रहते Dr.Gupta व एजेंट में हुई थी Deal, विजिलेंस जांच कर रही इशारा

Shimla में अलसुबह कमरे में धमाका-दीवार ढही, खिड़की -दरवाजे टूटे, एक व्यक्ति भी झुलसा

UN की चेतावनी - दोबारा होगा टिड्डी दलों का हमला, कई राज्यों में High Alert जारी

India में तेज रफ्तार से बढ़ रहे Corona के मामले, 24 घंटे में सामने आए 7,466 नए Case

Breaking : हिमाचल में सुबह-सवेरे पति-पत्नी सहित कोरोना के 9 Positive मामले, सभी की ट्रैवल हिस्ट्री

Corona Update: हिमाचल में आज आठ नए मामले, 7 मरीज हुए ठीक

कोरोना ब्रेकिंगः Kangra और मंडी में पांच नए मामले आए सामने, दो मरीज हुए ठीक

Himachal में बल्क ड्रग पार्क को भूमि शर्त में मिले छूट, पूरे देश में लागू होगी एक बीघा योजना

बड़ी खबरः हिमाचल में अलर्ट- कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर और सोलन जिलों में High Alert- जानिए क्यों

Kullu में युवक की मौत मामले में बिजली बोर्ड के JE सहित 3 लाइनमैन गिरफ्तार

Himachal में घरेलू फ्लाइट-ट्रेनों में आवाजाही को SOP जारी, क्या होगा जरूरी-क्या नहीं-जानिए

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

HP : Board

लाॅकडाउन के बीच Employment का मौका, Himachal में एक कंपनी भरने जा रही है 800 से ज्यादा पद

CBSE: 15,000 से अधिक सेंटरों में आयोजित होंगी 10वीं-12वीं की बची हुई परीक्षाएं, जानिए डिटेल

ICSE की 10वीं और ISC की 12वीं की बची हुई परीक्षाएं 1 जुलाई से 14 जुलाई तक

CBSE: अपने ही स्कूलों में बचे हुए सब्जेक्ट्स के Exam देंगे छात्र; जानें कब आएगा रिजल्ट

D.EL.ED CET- 2020 की तिथि घोषित, 21 मई से करें ऑनलाइन आवेदन

सरकार के आदेशों का कड़ाई से पालन करें Private School वरना होगी कड़ी कार्रवाई

CBSE: 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं में स्‍टूडेंट्स को पहनना होगा Mask; जानिए नए निर्देश

CBSE ने जारी की 10वीं-12वीं की Pending Exams की डेटशीट, जाने कब शुरू होंगे पेपर

12वीं Geography, कंप्यूटर साइंस और वोकेशनल परीक्षा को लेकर Board का बड़ा फैसला-जानिए

अर्धवार्षिक व प्री बोर्ड परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर मिलेंगे Practical के अंक

Himachal के सरकारी स्कूलों में 31 मई तक छुट्टियां, आदेश जारी

Corona से बचावः स्कूल शिक्षा बोर्ड ने की "नमस्ते भारत" अभियान की शुरुआत

Himachal में खुल सकते हैं 20 से कम छात्र संख्या वाले School, क्या बोले शिक्षा मंत्री-जानिए

Answer Sheets को केंद्र से ले जाने और जमा करवाने के लिए मिलेगा वाहन भत्ता

अभी घोषित की जा सकती हैं Colleges में जून की छुट्टियां, क्या बोले शिक्षा मंत्री-जानिए


सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है