पितृपक्ष : क्या करें मृत आत्मा की शांति के लिए, पढ़ें

पितृपक्ष : क्या करें मृत आत्मा की शांति के लिए, पढ़ें

- Advertisement -

पितृ सदा रहते हैं आपके आस-पास। मृत्यु के पश्चात हमारा और मृत आत्मा का संबंध-विच्छेद केवल दैहिक स्तर पर होता है, आत्मिक स्तर पर नहीं। जिनकी अकाल मृत्यु होती है उनकी आत्मा अपनी निर्धारित आयु तक भटकती रहती है। हमारे पूर्वजों को, पितरों को जब मृत्यु उपरांत भी शांति नहीं मिलती और वे इसी लोक में भटकते रहते हैं, तो हमें पितृ दोष लगता है। शास्त्रों में कहा गया है कि पितृ दोष के कुप्रभाव से बचने के लिए अशांत जीवन का उपाय श्राद्ध है तथा इससे बचने के लिए विभिन्न उपाय किए जाते हैं जिनमें श्राद्ध, तर्पण व तीर्थ यात्राएं आदि तो हैं ही साथ ही विभिन्न प्रकार की साधनाएं एवं प्रयोग किए जाते हैं जिनके संपन्न करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।


यह भी पढ़ें :-शक्तिपीठों में शुरू हुए श्रावण अष्टमी मेले, भक्त पहुंचे मां के दरबार

श्राद्ध बारह प्रकार के होते हैं। हम मृत आत्मा की शांति-तर्पण दान देकर उनका आशीर्वाद और कृपा प्राप्त कर सकते हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार श्राद्ध कर्म से संतुष्ट होकर पितर हमें आयु, पुत्र, यश, वैभव, समृद्धि देते हैं। स्कंद पुराण के अनुसार श्राद्ध में पितरों की तृप्ति ब्राह्मणों के द्वारा ही होती है। श्राद्ध के पिंडो को गाय, कौवा अथवा अग्रि या पानी में छोड़ दें। पितृ दोष हो तो गृह एवं देवता भी काम नहीं करते तथा ऐसे जातक का जीवन शापित एवं अशांत हो जाता है। जो व्यक्ति माता-पिता का वार्षिक श्राद्ध नहीं करता उसे घोर नरक की प्राप्ति होती है और उसका जन्म शुक्र योनि में होता है।

शास्त्रों में कहा गया है कि जिस व्यक्ति की मृत्यु दुर्घटना में, विष से अथवा शस्त्र से हुई है उनका श्राद्ध चतुर्दशी के दिन करना चाहिए। जिन व्यक्तियों को अपने माता-पिता की मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है, ऐसे व्यक्ति को श्राद्ध पक्ष की अमावस्या को श्राद्ध कर्म संपन्न करना चाहिए। नवमी के दिन अपनी मृत मां, दादी, परदादी इत्यादि का श्राद्ध करना चाहिए।

जब मृत्यु के बाद मृत आत्माओं की इच्छाओं की पूर्ति नहीं होती तो उनकी आत्मा अप्रत्यक्ष रुप से प्रभाव दिखाती है, जिसके कारण अशुभ घटनाएं घटित होती हैं। इसे पितृदोष कहा जाता है। इस दोष के कारण दुर्भाग्य में भी वृद्धि होती है। पितृ दोष एक ऐसा दोष है जो अधिकतर कुंडली में होता है। इस प्रकार का दोष होने पर व्यक्ति को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोग पितृदोषों से मुक्ति हेतु हरिद्वार और नासिक आदि स्थानों पर जाते हैं।

जानिए पितृदोष से संबंधित कुछ बातें :

किसी व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात जब परिजन उसकी अंतिम इच्छाओं की पूर्ति नहीं करते तो उसकी मृत आत्मा पृथ्वी पर भटकती रहती है।
जब मृत व्यक्ति के अधूरे कार्य पूरे नहीं किए जाते तो उसकी आत्मा परिवार पर अप्रत्यक्ष रुप से कार्यों को पूरा करने के लिए दबाब डालती है। जिसके कारण परिवार में कई बार अशुभ घटनाएं घटित होती हैं। यही पितृदोष होता है।
पितृदोष से मुक्ति हेतु श्राद्धपक्ष और हर महीने की अमावस्या पर पितरों की आत्मिक शांति के लिए पिंडदान और तर्पण करें।

कर्मलोपे पितृणां च प्रेतत्वं तस्य जायते।
तस्य प्रेतस्य शापाच्च पुत्राभारः प्रजायते।

अर्थात: कर्मलोप की वजह से जो पूर्वज मृत्यु के बाद प्रेत योनि में चले जाते हैं। उनके श्राप से पुत्र संतान की प्राप्ति नहीं होती है। प्रेत योनि में पितर को कई कष्टों का सामना करना पड़ता है। यदि उनका श्राद्ध न किया जाए तो वे हमें नुकसान पहुंचाते हैं। पितरों का श्राद करने से समस्याएं स्वयं समाप्त हो जाती हैं।

पंडित दयानंद शास्त्री, उज्जैन (म.प्र.) (ज्योतिष-वास्तु सलाहगाड़ी) 09669290067, 09039390067

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Top : News

हिमाचल पर्यटन नीति-2019 अधिसूचित, वेब पोर्टल पर लें जानकारी

एनसीसी समूह की साइकिल रैली रवाना, राज्यपाल ने हरी झंडी दिखाई

होटलों की जीएसटी दरों के युक्तिकरण का हिमाचल को होगा फायदा

गोवा में हुई जीएसटी परिषद की बैठक में बिक्रम ठाकुर ने रखी यह बात

गुरकीरत सिंह बोले-वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ बयानबाजी अनुशासनहीनता

बीबीएमबी प्रोजेक्ट्स में हिमाचल को पूर्ण सदस्य बनाया जाए: सीएम जयराम

प्रदेश में झमाझम बारिश के साथ हुआ हिमपात, जाने अगले 6 दिन के मौसम के हाल

लॉ यूनिवर्सिटी के छात्रों ने परिसर में सामान रख बोला हल्ला, एबीवीपी देगी साथ

रायजादा के बयान पर सतपाल सत्ती का पलटवार, कहीं यह बात

गोहर में सिंचाई के लिए बने टैंक में मिला मृत तेंदुआ

रायजादा ने पूछा, सीआईडी जांच रिपोर्ट सत्ती के पास कहां से आई

वीरभद्र सिंह पीजीआई में स्वस्थ, बोले - "ठीक हूं, जल्द शिमला लौटूंगा"

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आया अब तक का बड़ा उछाल, मुंबई में 78 के पार

छात्रा यौन शोषण केस का आरोपी चिन्मयानंद गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

बसाहीधार में गिरी कार, नगरोटा बगवां के दो युवकों की मौत, 2 घायल

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

राशिफल

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है