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दलाई लामा बोले – शारीरिक रूप से तिब्बती, दिमागी तौर पर ज्यादा भारतीय

प्राचीन भारतीय ज्ञान दुनिया के लिए बहुत प्रासंगिक

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नई दिल्ली। तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने कहा है कि हालांकि वह शारीरिक रूप से तिब्बती हैं, लेकिन उनका दिमाग भारतीयों की तुलना में अधिक भारतीय हो सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय ज्ञान वर्तमान दुनिया के लिए बहुत प्रासंगिक है। दलाई लामा ने कहा कि आप प्राचीन भारतीय ज्ञान की सराहना नहीं भी कर सकते हैं पर मैं इसी से प्रशिक्षित हुआ हूं। दलाई लामा इन दिनों उत्तर प्रदेश में टीचिंग देने गए हुए हैं, ये बातें उन्होंने स्थानीय मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं।

दलाई लामा ने कहा कि ‘आज हमें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है हम राष्ट्रीयता, धार्मिक विश्वास और जाति जैसे माध्यमिक मतभेदों पर बहुत अधिक जोर देते हैं, जबकि मूल रूप से हम सभी मनुष्य एक समान होते हैं। लेकिन शिक्षा प्रणालियों के भौतिकवादी लक्ष्यों के कारण हम आंतरिक मूल्यों पर अधिक ध्यान नहीं देते हैं। दलाई लामा ने समझाया कि एक बौद्ध के रूप में वह इस देश में विभिन्न धार्मिक परंपराओं को एक साथ रहने के तरीके की प्रशंसा करते हैं और वह जहां भी जाते हैं भारत का उदाहरण देते हैं।

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