Covid-19 Update

2,06,027
मामले (हिमाचल)
2,01,270
मरीज ठीक हुए
3,505
मौत
31,655,824
मामले (भारत)
198,557,259
मामले (दुनिया)
×

दलाई लामा बोले: निर्वासन में जीवन यापन कर रहे तिब्बतियों को नहीं छोड़नी चाहिए आशा

दलाई लामा बोले: निर्वासन में जीवन यापन कर रहे तिब्बतियों को नहीं छोड़नी चाहिए आशा

- Advertisement -

धर्मशाला। तिब्बत की आजादी के लिए वहां रह रहे तिब्बतियों ने दैनिक आधार पर गिरफ्तारी और मौत का खतरा उठाते हुए यातनाएं सहने के बावजूद आशा नहीं छोड़ी हैं, तो निर्वासन में जीवन यापन कर रहे तिब्बतियों को भी आशा नहीं छोड़नी चाहिए। साथ ही हमें आजादी और लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करते हुए उनके साथ खड़े रहना होगा। यह उद्गार तिब्बतियों के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ( Dalai Lama) ने केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।


दलाई लामा ने निर्वासित तिब्बतियों (exiled Tibetans)  की प्रशंसा करते हुए कहा कि तिब्बती शरणार्थियों की कहानी अन्य शरणार्थियों के मामलों से अद्वितीय है। तिब्बती (Tibetan) आज एक मील के पत्थर पर पहुंच गए हैं, जहां उन्होंने न केवल अपनी संस्कृति और परंपरा को संरक्षित किया है, बल्कि निर्वासन में एक पूर्ण विकसित लोकतांत्रिक सरकार की स्थापना की है।

यह भी पढ़ें :- कुल्लू दशहराः 1661 पुलिस व होमगार्ड के जवान संभालेंगे सुरक्षा का जिम्मा

इस प्रमुख उपलब्धि के लिए केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों दोनों का योगदान रहा है। जब पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने पहली बार 1959 में तिब्बत पर आक्रमण किया था और तिब्बती लोगों पर बड़े पैमाने पर अत्याचार किया था, तो उन्होंने उम्मीद नहीं की थी कि तिब्बती 60 साल के उत्पीड़न के बाद पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएंगे। उनका मानना था कि उन्होंने तिब्बतियों के मूल अस्तित्व को नष्ट कर दिया है।

दलाई लामा (Dalai Lama)ने कहा कि भारत सरकार के समर्थन से तिब्बती लोग नालंदा परंपरा से प्रेरित तिब्बती भाषा, संस्कृति और धर्म को संरक्षित करने वाले स्कूलों और मठों की स्थापना करने में सक्षम हुए। लेकिन निर्वासित तिब्बतियों ने सिर्फ वहीं रुकना नहीं छोड़ा क्योंकि उन्होंने उस ज्ञान को बाहरी दुनिया में बढ़ावा दिया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि तिब्बती इसके लिए खुद पर गर्व कर सकते हैं। दलाई लामा ने केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के कर्मचारियों और तिब्बती नेतृत्व की विशेष रूप से अतिरिक्त कड़ी मेहनत करने की सराहना की और आगे भी उन्हें महान कार्य जारी रखने का आग्रह किया।

हिमाचल अभी अभी की मोबाइल एप अपडेट करने के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है