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#कोरोनाकाल में काम के Pressure ने ले ली इन कर्मियों की जान, लगातार कर रहे थे Duty

ऑनलाइन डिलीवरी की बढ़ती मांग के कारण बढ़ रहा इनका काम

#कोरोनाकाल में काम के Pressure ने ले ली इन कर्मियों की जान, लगातार कर रहे थे Duty

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कोरोना वायरस की वजह से दुनिया भर में कई लोगों की जान गई। कई लोग बीमारी की वजह से मरे तो कई बिना काम और भूख से लेकिन कई लोग ऐसे भी थे जिनके पास ऐसे समय में काम तो था लेकिन उन लोगों की काम के प्रेशर (Work Pressure) की वजह से जान चली गई। एक रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण कोरिया में ज्यादा काम की वजह से लगभग 14 डिलीवरी कर्मियों की मौत ने लोगों को चौंका दिया। डिलीवरी कर्मियों की इन मौत को लॉकडाउन और कोरोनाकाल (Corona era) में काम के बढ़ते दबाव और थकावट से जोड़ कर देखा जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये डिलीवरी ब्वॉय महामारी की शुरुआत के बाद से ही ऑनलाइन ऑर्डर की बढ़ती मात्रा का सामना कर रहे थे जिसकी वजह से इन्हें लगातार काम करना पड़ रहा था। ये डिलीवरी कर्मचारी खाने से लेकर जरूरी सामान जैसे कपड़े, कॉस्मेटिक, जैसी चीजों से लेकर अन्य सभी चीजों की डिलीवरी कर रहे थे।



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36 साल के एक डिलीवरी ब्वॉय (Delivery boy) किम डुक-योन की खराब दुर्दशा का जिक्र अपनी रिपोर्ट में किया गया है। उसे 21 घंटे की शिफ्ट में 400 पैकेज देने के बाद मृत पाया गया था। किम पिछले दिन सुबह 5 बजे से काम कर रहा था। इस दौरान उसने अपने एक सहयोगी को मैसेज किया था कि वो पार्सल डिलीवरी की इस नौकरी को छोड़ना चाहता है। इसके चार दिन बाद ही किम मर गया था। वह दक्षिण कोरिया के उन 14 श्रमिकों में से एक है। मजदूर यूनियन के मुताबिक इन कर्मचारियों की मौत ओवरवर्क के कारण हुई थी। इनमें से ज्यादातर डिलीवरी ब्वॉय थे।

 

 

 

अत्यधिक परिश्रम की वजह से आया हार्ट स्ट्रोक

मृतकों के परिवारों ने मौत के कारणों को “कर्वस” के रूप में वर्णित किया है। यह एक कोरियाई शब्द है जिसका इस्तेमाल हार्ट अटैक (Heart Attack) के लिए किया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक अत्यधिक परिश्रम की वजह से उन्हें हार्ट स्ट्रोक आया जिससे उनकी मौत हो गई। मरने वालों में एक 27 वर्षीय जांग देओक-जिन भी शामिल है जो पहले ताइक्वांडो खिलाड़ी रहा था। उसके परिवार के अनुसार, 18 महीने से लगातार नाइट शिफ्ट करने की वजह से उसका वजन 15 किलोग्राम तक कम हो गया था। देओक-जिन इस महीने की शुरुआत में रात की शिफ्ट से सुबह लगभग छह बजे घर आया लौटा और शॉवर लेने गया था। उनके पिता ने एक घंटे बाद उन्हें बाथटब में मृत पाया।

 

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कोरोना वायरस ने इंटरनेट शॉपिंग की संख्या में तेजी से इजाफा किया है। दक्षिण कोरिया में वितरित सामानों की मांग में 10% की वृद्धि हुई है। इस साल, अब तक, यह दोगुना बढ़ गया है. दक्षिण कोरिया में यह दबाव और भी ज्यादा है क्योंकि वहां कंपनियां घंटों में सामान की होम डिलीवरी का वादा करते हैं। इसकी वजह से लंबे और निरंतर काम के घंटे, रात भर की शिफ्ट और काम के दबाव की स्थिति बनी रहती है। दक्षिण कोरिया के श्रम मंत्रालय ने इसके खिलाफ कदम उठाया और देश की प्रमुख लॉजिस्टिक्स कंपनियों से आग्रह किया कि वे डिलीवरी ब्वॉय को पर्याप्त आराम दिलाने के लिए एक घोषणा पर हस्ताक्षर करें और रात भर शिफ्ट में लगातार काम ना करवाएं।

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