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#Una: ईसपुर सहकारी सभा में गड़बड़झाला, जमाकर्ताओं ने सचिव पर लगाए #Scam के आरोप
ऊना। हरोली उपमंडल के तहत पड़ती ईसपुर सहकारी सभा (Ispur Cooperative sbha ) के जमाकर्ताओं ने सभा के सचिव पर करोड़ों रुपए के गड़बड़झाले (Scam) के आरोप जड़े हैं। सभा के जमाकर्ताओं ने अपनी पूंजी वापस दिलाने की मांग को लेकर शुक्रवार को सहायक पंजीयक सभाएं के कार्यालय का रुख किया और मामले की शिकायत (Complaint) की। वहीं, विभाग से सभा के सचिव के खिलाफ पुलिस के पास आपराधिक मामला दर्ज कराने की मांग की है। इस दौरान जमाकर्ताओं ने सचिव पर लोगों को अपनी हैसियत से अधिक लोन बांटने का आरोप जड़ा। वहीं, अपने ही माता-पिता और बहन समेत पांच रिश्तेदारों को 90-90 लाख के लोन देने का भी आरोप लगाया है। जमाकर्ताओं (Depositors) का आरोप है कि करीब 22 करोड़ रुपए की सोसाइटी से मात्र 30 फीसदी तक के लोन दिए जा सकते हैं। लेकिन सभा के सचिव ने नियमों को ताक पर रखते हुए करीब 17 करोड़ रुपए के लोन बांट डाले हैं। जिसके चलते सोसाइटी में अपनी पूंजी जमा कराने वाले जमाकर्ताओं को पिछले कुछ वर्षों से अपनी ही जमा पूंजी के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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जमाकर्ताओं ने सचिव की संपत्तियों की जांच की उठाई मांग
उन्होंने कहा कि सभा के सचिव (secretary) की करीब 500 कनाल भूमि है जो उसकी अपनी खरीद है। उन्होंने कहा कि सभा के सचिव की संपत्तियों की जांच की जानी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके। उन्होंने कहा कि जब वह अपनी जमा पूंजी वापस मांगते हैं तो सचिव हमेशा लोन की अदायगी ना होने का बहाना लगा देता है। जबकि सोसाइटी के सबसे ज्यादा लोन (Loan) उसने अपने परिवार में बांट रखे हैं। ऐसे में उनकी जमा पूंजी कैसे वापस मिल सकती है। उनका आरोप है कि इंसाफ पाने के लिए उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस का भी दरवाजा खटखटाया, लेकिन सभी लोग बेबस नजर आए। वहीं, इस मामले में सहायक पंजीयक सभाएं से भी संपर्क किया गया। लेकिन इस कार्यालय के ढुलमुल रवैया चलते भी उन्हें इंसाफ मिलने की उम्मीदें कम होती जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें इंसाफ न मिला तो सड़कों पर उतरने से गुरेज नहीं किया जाएगा।
विभाग के एआरओ बोले जांच के बाद दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
सहकारी सभाएं विभाग के एआरओ रत्न सिंह बेदी ने कहा कि ईसपुर सहकारी सभा का साल 2018-19 का ऑडिट मेरे पास पहुंच गया है। इसकी जांच के लिए सीए को भी लिखा गया है। इस सभा में कर्ज देने में काफी कोताही की गई है। जिसके चलते जांच करने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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