धर्मशालाः जब एमसी ने कॉन्ट्रेक्ट ही नहीं किया साइन तो कैसे उठेगा कूड़ा

जर्मनी की कंपनी के साथ कूड़ा उठाने का कॉन्ट्रेक्ट ही हस्ताक्षरित नहीं

धर्मशालाः जब एमसी ने कॉन्ट्रेक्ट ही नहीं किया साइन तो कैसे उठेगा कूड़ा

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धर्मशाला। नगर निगम ने 14 करोड़ रुपए खर्च करके शहर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और अंडरग्राउंड डस्टबिन प्रोजेक्ट शुरू किया है। दोनों प्रोजेक्टों के बावजूद धर्मशाला शहर में गंदगी की भरमार और कूड़े के बड़े-बड़े ढेरों से निजात नहीं मिल सकी। इसका कारण है कि नगर निगम प्रशासन ने जून 2017 से इन्हें खाली करने का कॉन्ट्रेक्ट ही हस्ताक्षरित नहीं किया है।

शहर के कूड़ेदानों में लगे गंदगी के ढेरों व विभिन्न मामलों को बैठकों के माध्यम से सामने लाने के बाद भी कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है। इसका प्रमुख कारण है कि जर्मनी की कंपनी जिसने धर्मशाला शहर में अंडरग्राउंड डस्टबिन प्रोजेक्ट का कार्य किया है, उस कंपनी के साथ पिछले दो वर्ष से अभी तक नगर निगम ने कूड़ा उठाने का कॉन्ट्रेक्ट ही हस्ताक्षरित नहीं किया है। कंपनी अब मुफ्त में इन डस्टबिनों को खाली नहीं कर रही है। जबकि जर्मनी की बॉएर कंपनी ने धर्मशाला नगर निगम में इस प्रोजेक्ट को शुरू करने से पूर्व नगर निगम के अधिकारियों को अपने खर्च पर जर्मनी की सैर भी करवाई थी। लेकिन इसके बावजूद भी न तो इन अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट पर विशेष ध्यान दिया और नहीं अन्य औपचारिकता पूरी की गई।

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डस्टबिन खाली न होने के चलते लग रहे कूड़े के ढेर

अंडरग्राउंड डस्टबिन के निरंतर खाली न होने के कारण सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे दिखाई देते हैं। वहीं घरों से उठाए जाने वाले कूड़े को डंप पर पहुंचाने की जगह प्लाटों और खाली जगह पर फेंक कर आग लगा दी जाती है, जबकि नगर निगम प्रशासन दावा करता है कि शहर में रेगुलर कूड़े की लिफ्टिंग और सड़कों की सफाई हो रही है। धर्मशाला शहर के विभिन्न वार्डों में अंडरग्राउंड डस्टबिन होने के बावजूद गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। अंडरग्राउंड डस्टबिन योजना फेल हो गई है, जिसके कारण लोग खुले में कूड़ा कचरा फेंकने को मजबूर हैं। खुले में कूड़ा फेंकने से शहर में जगह- जगह गंदगी फैल रही है।

मैक्लोडगंज में अंडरग्राउंड डस्टबिन योजना फेल

धर्मशाला नगर निगम द्वारा मैक्लोडगंज में अंडरग्राउंड डस्टबिन योजना फेल साबित हुई है। डस्टबिन कूड़े से भर जाता है जिसके बाद लोग खुले में कूड़ा कचरा फेंक देते हैं। यही हालात नगर परिषद के अन्य वार्डो की भी है। यहां से कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है, जिससे चारों तरफ गंदगी ही गंदगी फैली है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के तहत अभी तक धर्मशाला नगर निगम में डंपिंग साइट के लिए भूमि का चयन ही नहीं हो पाया है। वर्तमान में हिमाचल पथ परिवहन निगम की वर्कशॉप के समीप घरोह-चड़ी रोड पर बनी कूड़ा डंपिंग साइट में चारों ओर कचरा बिखरा है। यहां पर लावारिस पशु व पक्षी इस गंदगी को आगे-पीछे बिखेर रहे हैं। नगर निगम के 17 वार्डो की गंदगी यहीं उड़ेली जा रही है। इस कारण यहां बदबू फैल गई है और इस मार्ग से गुजरने वालों को परेशानी होती है, लेकिन इस दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस मामले को भी संबंधित पंचायत ने प्रदेश हाई कोर्ट व नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के समक्ष भी उठाया है।

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