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कहते हैं धूमलः जनता की गाढ़ी कमाई कर्जों में लूटा रहे Cooperative Banks

कहते हैं धूमलः जनता की गाढ़ी कमाई कर्जों में लूटा रहे Cooperative Banks

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Cooperative Banks : हमीरपुर। पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल ने आरोप लगाया कि केवल ऋण लेकर ही प्रदेश की माली हालत को खराब नहीं किया जा रहा है, बल्कि प्रदेश के सहकारी बैंकों से भी नियम, कायदों को ताक में रखकर जनता की खून, पसीने की गाढ़ी कमाई को कर्जों में देकर लुटाया जा रहा है। धूमल ने कहा कि पुख्ता खबरों के अनुसार प्रदेश के एक सहकारी बैंक से 200 करोड़ रुपए का कर्जा कंपनी विशेष को दिए जाने की तैयारियां चल रही थीं, जो कुछ विशेष कारणों की वजह से रुका हुआ है।

कहते हैं धूमलः जनता की गाढ़ी कमाई कर्जों में लूटा रहे सहकारी बैंक

जो अधिकारी नियमों के खिलाफ कर्ज देने का विरोध कर रहे हैं, उनकी जुबान बंद करने के लिए उनका तबादला कर प्रताड़ित किया जा रहा है।  पूर्व सीएम प्रेमकुमार धूमल ने प्रदेश के आर्थिक प्रबंधन पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार बार-बार ऋण ले रही है। केन्द्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को दी जाने वाली आर्थिक सहायता व अनुदान में कई गुना बढ़ोतरी किए जाने के बावजूद भी ऋण लिया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने पिछले एक महीने में ही अतिरिक्त 1200 करोड़ रुपए के ऋण से प्रदेश का कुल ऋण लगभग 50 हजार करोड़ रुपए को पार कर चुका है। धूमल ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार के आर्थिक कुप्रबन्धन ने प्रदेश को दिवालियेपन की कगार पर खड़ा कर दिया है।


बैंकों के प्रबंधन में गड़बड़ी की शिकायतें

धूमल ने कहा कि नोटबंदी के दौरान व बाद से प्रदेश के सहकारी बैंकों के प्रबंधन में गड़बड़ियों की कई शिकायतें मिल रही है। इसलिए इन सारे मामलों की जांच सीबीआई द्वारा करवाई जानी आवश्यक है। धूमल ने कहा कि प्रदेश के सहकारी बैंकों में केवल ऋण सम्बन्धी गड़बड़ियों की ही शिकायतें नहीं है, बल्कि कांग्रेस सरकार ने नियमों को ताक पर रखकर एक बड़े भर्ती घोटाले को भी अंजाम दिया है। नियमों के अनुसार प्रदेश के बैंकों में भर्तियां आईबीपीएस के द्वारा होनी चाहिए थी, परन्तु वर्तमान सरकार ने इन भर्तियों को आईबीपीएस से न करवाकर स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला से करवाई, जो इन भर्तियों को करने के लिए अधिकृत संस्था ही नहीं है। यही वजह है कि प्रदेश के सहकारी बैंकों में हुई भर्तियों में क्षेत्र विशेष व विचारधारा विशेष के लोगों को स्थान मिला है।

समकक्ष राज्यों की तुलना में 10 वर्ष पिछड़ा हिमाचल

पूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार के कारण प्रदेश का विकास ठप पड़ चुका है। विभिन्न माफियाओं को सत्ताधारियों के संरक्षण के चलते प्रदेश विकास की दौड़ समकक्ष राज्यों की तुलना में 10 वर्ष पिछड़ चुका है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में हमेशा अग्रणी रहने वाले हिमाचल की स्थिति लगातार खराब होती जा रही हैं और इस अवधि के दौरान सबसे अधिक नुकसान आधारभूत ढांचे की विकास गति को हुआ है।

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