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Diara Sector विवाद : विधायक-पुत्र के Against हो कड़ी कार्रवाई

Diara Sector विवाद : विधायक-पुत्र के Against हो कड़ी कार्रवाई

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शिमला। बिलासपुर में हुई मारपीट के मामले में विधायक और उसके बेटे का नाम आने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, पूर्व मंत्री रिखी राम कौंडल तथा प्रदेश प्रवक्ता महेंद्र धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार आतंक के सहारे शासन कर रही है। कांग्रेस के नेताओं ने प्रदेश में गुंडागर्दी की तमाम सीमाएं लांघ दी है।


  • बीजेपी नेताओं ने उठाई मांग, कहा, प्रदेश में फैल रहा जंगल राज
  • सरकार पर आरोप, निर्दोष लोगों को किया जा रहा प्रताड़ित

पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है और अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे आम आदमी भयभीत और असुरक्षा के साथ जी रहा है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि आए दिन हो रही आपराधिक घटनाओं में सत्ताधारियों की संलिप्तता स्पष्ट नजर आती है बावजूद उन पर कोई कार्रवाई किए जाने के बजाय निर्दोष लोगों को ही प्रताड़ित किया जा रहा है। 

उनका कहना है कि बिलासपुर में घटित आपराधिक वारदात में विधायक पुत्र की संलिप्तता के बारे में सब जानते हैं लेकिन कोई कानूनी कार्रवाई करने के बजाय विधायक पुत्र को बचाने की पुरजोर कोशिशें हो रही हैं इससे पूर्व भी विधायक द्वारा सरकारी कर्मचारियों को डराने धमकाने के प्रर्याप्त सबूत हैं फिर भी उन पर कोई कार्रवाई न होना इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण है कि अब प्रदेश में कानून नहीं बल्कि जंगल राज चल रहा है। बीजेपी नेताओं कहा कि पिछले तीन वर्षों में हिमाचल प्रदेश में आपराधिक घटनाओं में तीन गुणा ज्यादा वृद्धि हुई है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ आपराधिक घटनाओं में बेतहाशा बृद्धि के साथ अब प्रदेश आंतकियों की शरण स्थली भी बनता जा रहा है।  बीजेपी नेताओं ने कहा कि बिलासपुर के सेक्टर 11 में बिलासपुर सदर के कांगेस विधायक के पुत्र ने आम लोगों पर तेजधार हथियारों के साथ गुंडी तत्वों से मिलकर जानलेवा हमला किया, जिसमें तीन लड़के गंभीर रूप से घायल हो गए और स्थानीय जनता द्वारा विरोध करने पर गुंडा तत्वों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस प्रशासन उनकों बचाने में लगा हुआ है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कारवाई की जाए और सीएम को तुरंत प्रभाव से विधायक से त्यागपत्र लेना चाहिए, ताकि लोगों को अपने द्वारा चुने गए प्रतिनिधि को उनकी सुरक्षा करने के बजाय उन्हें आतंकित करने का दंड मिल सके।

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