Covid-19 Update

2,00,791
मामले (हिमाचल)
1,95,055
मरीज ठीक हुए
3,437
मौत
29,973,457
मामले (भारत)
179,548,206
मामले (दुनिया)
×

Himachal के शक्तिपीठों के पुजारी वर्ग के बारे भी सोचे सरकार, करे आर्थिक मदद

जिला कांग्रेस प्रवक्ता सपन सूद ने सरकार से उठाई मांग

Himachal के शक्तिपीठों के पुजारी वर्ग के बारे भी सोचे सरकार, करे आर्थिक मदद

- Advertisement -

देहरा। हिमाचल (Himachal) के प्रमुख विश्वव्यापी शक्तिपीठों के पुजारी वर्ग की आर्थिक स्थिति पर चिंता प्रकट करते हुए जिला कांग्रेस प्रवक्ता सपन सूद (District Congress spokesperson Sapan Sood) ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि कोरोना (Corona) महामारी के कारण अपनी आजीविका से हाथ धो चुके इन परिवारों के प्रति सहानुभूति दिखाए। कांग्रेस नेता सपन सूद ने कहा कि पुजारी वर्ग शक्तिपीठों में आने वाले श्रद्धालुओं (Devotees) पर निर्भर है व पूजा-पाठ के दौरान मिलने वाली दक्षिणा से ही अपने परिवारों का भरण-पोषण करते हैं। बीते लगभग डेढ़ वर्ष से कोरोना वैश्विक बीमारी के कारण शक्तिपीठों का अधिकांश समय बंद रहने के कारण इन परिवारों का दर्द भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पांच प्रमुख शक्तिपीठों ज्वालामुखी (Jwalamukhi) , कांगड़ा, चामुंडा, श्री नैना देवी व चिंतपूर्णी के लगभग एक हजार परिवार इन मंदिरों के चढ़ावे में मिलने वाले अनुग्रह राशि पर आश्रित हैं।

यह भी पढ़ें: पौंग झील में मछली पकड़ने पर लगी रोक हटी, DC Kangra ने जारी किए आदेश

सपन सूद ने कहा कि पुजारी वर्ग के परिवारों में विधवा महिलाओं की आर्थिक दुर्दशा इस भयंकर कार्यकाल में काफी बदतर हुई है। कुछ एक परिवारों के सदस्य अन्य जानलेवा बीमारियों से भी ग्रस्त हैं। इन परिवारों में दिव्यागंता से पीड़ित सदस्य भी हैं। लेकिन वर्तमान में आर्थिक स्थिति प्रभावित होने के कारण यह परिवार उचित स्वास्थ्य लाभ के प्रति भी चिन्तित हैं। कांग्रेस नेता का कहना कि कुछ बीमारियों का इलाज महंगा होने के कारण प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति ने उनकी कमर तोड़ दी है। सूद ने कहा कि प्रदेश के यह प्रमुख शक्तिपीठों का सरकारी अधिग्रहण 1987 में हुआ था। उन्होंने कहा कि शक्तिपीठों का अधिग्रहण प्रदेश सरकार के पास होने के कारण सरकार का दायित्व पुजारी वर्ग के प्रति भी बनता है। प्रदेश की सरकार को लगता है कि इन परिवारों को सरकारी आर्थिक सहायता (Financial Help) देने से प्रदेश के आर्थिक बजट को घाटा पड़ेगा तो ऐसी परिस्थिति में मंदिर न्यासों की तिजोरियों में जमा राशि से इनकी आर्थिक मदद करने से गुरेज ना करे। उन्होंने कहा कि शक्तिपीठों के बंद होने से इन स्थानों का छोटा व्यापारी वर्ग भी परेशान है। प्रभावित हुए व्यापारियों के बिजली-पानी बिल व स्थानीय टैक्स भी माफ करके उनकी आर्थिक सहायता भी की जाए। प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत सरकारी आर्थिक पेंशन के लाभार्थियों के प्रति भी सहानुभूति प्रकट करते हुए जिला कांग्रेस प्रवक्ता सपन सूद ने कहा कि प्रदेश सरकार महामारी के कारण प्रभावित इस वर्ग को भी प्रति माह पेंशन की अदायगी करे। सामाजिक पेंशन योजना के तहत अधिकांश लाभार्थी में समाज के वृद्धों, विधवाओं व दिव्यांगों को सरकारी आर्थिक सहायता प्रदान होती है।


हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए Subscribe करें हिमाचल अभी अभी का Telegram Channel

 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है