छात्रों की पढ़ाई वाले WhatsApp Group में ना डालें गुड मॉर्निंग-गुड नाइट के Message, वरना होगी कार्रवाई

छात्रों की पढ़ाई वाले WhatsApp Group में ना डालें गुड मॉर्निंग-गुड नाइट के Message, वरना होगी कार्रवाई

- Advertisement -

शिमला। कोरोना संकट के बीच सरकार ने छात्रों को ऑनलाइन क्लास (Online class) लगाने के निर्देश सरकारी स्कूलों को दिए हुए हैं जिसके तहत टीचर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इसके लिए व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए गए हैं जहां बच्चों को होमवर्क आदि दिया जाता है। इन ग्रुप्स में अब संभल कर मैसेज भेजने होंगे। इन व्हाट्सऐप ग्रुपों में गुड मार्निंग, गुड नाइट सहित इस तरह के अन्य मैसेज पोस्ट करने पर रोक लगा दी गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय (Directorate of higher education) ने सरकारी कार्य के लिए बनाए गए व्हाट्सऐप ग्रुप का दुरुपयोग करने वालों को चेतावनी देते हुए स्कूल और कॉलेजों को प्रिंसिपलों को ये निर्देश जारी किए हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

 

महिला कर्मियों की शिकायत पर लिया गया संज्ञान

उच्च शिक्षा निदेशालय के पास शिकायतें (Complaints) पहुंची हैं कि कुछ ग्रुपों में सिर्फ गुड मार्निंग, गुड नाइट सहित अन्य गैर आवश्यक फोटो और वीडियो ही डाले जा रहे हैं। सुबह पांच बजे से लेकर रात बारह बजे तक इस तरह के मैसेज आने से महिला कर्मी विशेषकर परेशान हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल-कॉलेज प्रिंसिपलों को एहतियात बरतने को कहा है। महिला कर्मियों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने निर्देश दिए कि कार्यालय समय के दौरान ही ग्रुप में पढ़ाई व आवश्यक निर्देशों से जुड़े मैसेज भेजे जाएं। निर्देशों को नहीं मानने वालों की सूचना निदेशालय पहुंचने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

ग्रुपों के माध्यम से अभिभावकों को भेजी जाती है पढ़ाई से संबंधित सामग्री

बता दें कि लॉकडाउन के चलते अप्रैल से सरकारी स्कूलों की पढ़ाई व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर शुरू की गई है। इन ग्रुपों के माध्यम से अभिभावकों को रोजाना होम वर्क सहित पढ़ाई से संबंधित अन्य सामग्री भेजी जाती है। इन ग्रुपों को प्रदेश स्तर से लेकर स्कूल स्तर तक बनाया गया है। रिसोर्स पर्सन रोजाना जिला अधिकारियों को शिक्षण सामग्री भेजते हैं। जिला अधिकारी ब्लॉक स्तर पर इन्हें फारवर्ड करते हैं। इसके बाद स्कूल प्रिंसिपलों और शिक्षकों तक सामग्री पहुंचती है। इसके अलावा सरकारी कार्यों को करने के लिए निदेशालय और उप निदेशक कार्यालय स्तर पर गैर शिक्षकों के भी व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए गए हैं। अभिभावकों को होमवर्क देने के लिए बनाए गए व्हाट्सऐप ग्रुपों में अश्लील सामग्री पोस्ट करने के मामले में बिलासपुर में एफआईआर भी हो चुकी है। इस मामले में अभिभावकों ने ही कड़ा संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज करवाया था।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है