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क्या आप जानते हैं छिपकली से जुड़े शगुन -अपशगुन

क्या आप जानते हैं छिपकली से जुड़े शगुन -अपशगुन

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शकुन शास्त्र के अनुसार छिपकली के शरीर पर गिरने को भी शकुन/ अपशकुन माना जाता है। सामान्यतया दो प्रकार की छिपकलियां पाई जाती है, एक जंगली और एक घरेलू। छिपकली की जंगली नस्ल को गिरगिट कहा जाता है जबकि घरों में पाई जाने वाली छिपकली घरेलू छिपकली कही जाती है। शकुन शास्त्र के अनुसार छिपकली के शरीर पर गिरने को भी शकुन/अपशकुन माना जाता है। स्त्री के शरीर के बायें भाग पर, पुरुष के शरीर के दाहिनी तरफ गिरना ठीक होता है।


इसी प्रकार छिपकली का नीचे से ऊपर की ओर चढ़ना शुभ माना जाता है। ऊपर से नीचे की ओर गिरना अच्छा नहीं होता। रविवार या मंगलवार को लाल रंग की छिपकली तथा शनिवार को काले रंग की छिपकली से कम हानि होती है।

घर में छिपकली का दिखना एक सामान्य-सी बात है। ये मात्र एक जीव हैं किंतु जीव-जंतुओं और मनुष्य को प्रकृति का एक अहम हिस्सा माना गया है। किसी भी परेशानी से निपटने में जीवों की सेवा करने से शुभ फल मिलता है। इसी तरह हिन्दू शास्त्रों में छिपकली के दिखने और उससे जड़ी गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है।

शास्त्रों के अनुसार छिपकली यदि दिवाली की रात घर में दिखाई दे जाए तो इसे लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि उसके आने से वर्षों के लिए वह घर सुख-समृद्धि को प्राप्त कर लेती है।

जब भी कभी आपको घर में दीवार पर छिपकली दिखे तो तुरंत मंदिर में या भगवान की मूर्ति के पास रखा कंकू-चावल ले आएं और इसे दूर से ही छिपकली पर छिड़क दें। ऐसा करते हुए अपने मन की किसी मुराद को भी मन ही मन बोलें और यह कामना करें कि वह पूरी हो जाए। ऐसा माना जाता है कि छिपकली एक पूजनीय प्राणी है और इसका पूजन करने से धन संबंधी समस्याओं का अंत हो जाता है।

छिपकली एक ऐसा जीव है जिसे देखते ही लोगों को घिन आने लगती है। इससे डर कर या भगा कर आप अपना ही नुकसान करते हैं। इसे लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। दिवाली के दिन पूजा के दौरान जब छिपकली सामने आ जाती है तो ये एक शुभ संकेत होता है। लेकिन जब दिवाली की सफाई की जा रही हो और उसमें मरी हुई छिपकली आपके सामने आ जाए तो ये एक अशुभ संकेत माना जाता है। आपसे सफाई करते हुए यदि कोई छिपकली या उसका बच्चा मर जाए तो तुरंत उसका संस्कार कर दें। इससे आप हत्या के पाप से बच जाएगें और मां लक्ष्मी भी नाराज नहीं होगीं।

अगर आपको नए घर में कोई छिपकली दिख जाए तो इसका सीधा-सीधा मतलब होता है कि उस घर का गृह स्वामी बीमार पड़ने वाला है, इसलिए आप कोशिश करें कि जब कभी-भी आप नए घर में दस्तक दें तो आपको छिपकली के दर्शन न हो। दरअसल, ऐसा शगुन शास्त्र में बताया गया है। हालांकि, ऐसे अपशगुन से विधिवत पूजा से बचा जा सकता है।

अगर त्रूटि से भी आपकी भौंह पर छिपकली गिर जाए तो इसका स्पष्ट संकेत होता है कि आपको व्यक्तिगत तौर पर धन की क्षति हो सकती है। इसका स्पष्ट संकेत यह भी है कि आपका धन छीना जा सकता है। दाहिनी हथेली पर छिपकली गिरने से कपड़े मिलते हैं। बाई हथेली पर छिपकली गिरने पर धन की हानि होती है।

इसके साथ ही अगर कमर के पास छिपकली गिरती है तो धन का लाभ प्राप्त होता है। वहीं, पीठ पर छिपकली गिरने से घरेलू कलह होने की आसार बढ़ जाते हैं।

अगर माथे पर छिपकली गिरती है तो बड़ी संपत्ति प्राप्त होती है।बालों पर अगर छिपकली गिरे तो जीवन पर संकट होता है, मृत्यु भी हो सकती है।दाहिने कान पर गिरने से स्वर्णाभूषणों की प्राप्ति होती है।बाएं कान पर गिरने से आयु बढ़ती है।

नाक पर छिपकली का गिरना भाग्योदय का संकेत है। मुख परगिरना शीघ्र ही मधुर भोजन की प्राप्ति कराता है।
गर्दन पर छिपकली गिरने से सौभाग्य तथा यश मिलता है।

 

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