Covid-19 Update

59,118
मामले (हिमाचल)
57,507
मरीज ठीक हुए
984
मौत
11,228,288
मामले (भारत)
117,215,435
मामले (दुनिया)

बड़ी खबरः श्री बालाजी अस्पताल में अब एडवांस तकनीक से हो सकेगा पित्त की पथरी का इलाज

बड़ी खबरः श्री बालाजी अस्पताल में अब एडवांस तकनीक से हो सकेगा पित्त की पथरी का इलाज

- Advertisement -

कांगड़ा। पित्त की पथरी के पीड़ित मरीजों (Patients) के लिए राहत भरी खबर है। श्री बालाजी अस्पताल (Shree Bala Ji Hospital) में अब एडवांस ईआरसीपी व एडवांस ईयूएस की सुविधा (Advance ERCP and Advance US facility) मरीजों को मिल सकेगी। श्री बालाजी अस्पताल के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. अतुल राणा साउथ कोरिया से एडवांस ईआरसीपी व एडवांस ईयूएस की ट्रेनिंग लेकर लौटे हैं।

यह भी पढ़ें: चंबाः स्विमिंग पूल में डूबने से 21 वर्षीय युवक की मौत

 

साथ ही उन्हें Asian Young Endoscopist Award भी मिला है। साउथ कोरिया से लौटने के बाद डॉ. अतुल राणा ने बताया कि पिछले महीने उनका चयन एशियन यंग अवार्ड के लिए हुआ था। कोरियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रो इन्टेस्टाइनल एंडोस्कोपी और इंटरनेशनल डाइजेस्टिव एंडोस्कोपी नेटवर्क एशिया के यंग गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट को बेहतर कार्यों के लिए अवार्ड देते हैं और ट्रेनिंग के लिए बुलाते हैं।

पिछले महीने वह साउथ कोरिया (South Korea) गए थे। जहां पर 15 दिन वह डेगू सिटी और 10 दिन सियोल सिटी में रहे। कुंग फू नेशनल यूनिवर्सिटी साउथ कोरिया में उन्होंने एडवांस ईआरसीपी व एडवांस ईयूएस ट्रेनिंग के लिए चुना गया। इसी दौरान उन्हें एक अवार्ड समारोह में Asian Young Endoscopist Award भी मिला। इसके बाद उन्होंने सात दिन की एडवांस ईयूएस हैंड ऑन ट्रेनिंग की।

 

यह भी पढ़ें: Airtel यूज़र्स को अब फ्री में मिलेगा Netflix और Amazon Prime का सब्सक्रिप्शन

 

उन्होंने कहा कि ईआरसीपी व ईयूएस की सुविधा हिमाचल (Himachal) में काफी कम जगह है। मरीजों को पीजीआई (PGI) चंडीगढ़ या फिर चंडीगढ़ के आसपास के अस्पतालों में जाना पड़ता है। इससे उनका काफी खर्चा आता है। वह यह नई तकनीक सीख कर आएं हैं और उनकी कोशिश रहेगी की लोगों को इसकी सुविधा प्रदान की जाए। वहीं, श्री बालाजी अस्पताल के सीएमडी डॉ. राजेश शर्मा (Shree Balaji Hospital CMD Dr. Rajesh Sharma) ने डॉ. अतुल राणा को अवार्ड मिलने पर बधाई दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि डॉ. अतुल राणा की एडवांस ट्रेनिंग से अस्पताल में मरीजों का काफी फायदा होगा।

 

क्या है ईआरसीपी

डॉ. अतुल राणा का कहना है कि ईआरसीपी एक एंडोस्कोपी प्रक्रिया है। मरीज की पित्त की थैली से पथरी पित्त की नली में चली जाती है। पित्त की नली में रूकावट हो जाती है। एंडोस्कोपी से स्टंट आदि डालकर रूकावट खोलकर पित्त की पथरी को निकालने का काम किया जाता है। उन्होंने कहा कि बेसिक ईआरसीपी तो श्री बालाजी अस्पताल में हम कर रहे थे, लेकिन अब वह एडवांस ट्रेनिंग लेकर लौटे हैं। इससे मरीजों का काफी फायदा होगा।

क्या है ईयूएस

डॉ. अतुल राणा ने बताया कि ईयूएस तकनीक से पेट के अंदर से ही अल्ट्रासाउड करते हैं। ईयूएस एंडोस्कोप के अंदर ही लगा होता है। मरीज को क्या दिक्कत है और कहां दिक्कत है यह करीब से देखा जा सकता है। इससे इलाज अच्छी तरह होता है। इसके रिजल्ट काफी अच्छे रहते हैं।

हिमाचल अभी अभी Mobile App का नया वर्जन अपडेट करने के लिए इस link पर Click करें ….

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है