Covid-19 Update

2,01,054
मामले (हिमाचल)
1,95,598
मरीज ठीक हुए
3,446
मौत
30,082,778
मामले (भारत)
180,423,381
मामले (दुनिया)
×

5 साल ढूंढते रहे लोग, अब चले हैं मांगने Vote : Dr. Rajesh

5 साल ढूंढते रहे लोग, अब चले हैं मांगने Vote : Dr. Rajesh

- Advertisement -

बोले, हमें लापता रहने वाले को नहीं बल्कि अपने बीच रहने वाले को चुनना है

कांगड़ा। ट्रक चुनाव चिन्ह के साथ कांगड़ा के चुनावी मैदान में निर्दलीय उतरे डॉ राजेश शर्मा का कहना है कि जनता सर्वोपरी होती है, वह अपने लिए प्रतिनिधि चुनती है ना कि परेशानी। उन्होंने कहा कि कांगड़ा की जनता ने एक मर्तबा ऐसा भी प्रतिनिधि अपने लिए चुना था जो पिछले पांच साल हारने के बाद कभी दिखा ही नहीं, अब जब चुनाव आए तो उसे लोग याद आने लगे। उन्होंने कहा कि आज बीजेपी के नाम पर वोट मांग रहे प्रत्याशी की हालत यह रही कि बीते पांच साल तक वह कहां रहे उन्हें खुद को भी पता नहीं। डॉ राजेश ने कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत का मतलब नहीं है यहां मतलब है जनता के बीच का नेता। उन्होंने कहा कि नेता भी तो जनता ही बनाती है, जब हम जनता के बीच ही नहीं रहेंगे तो उनका दुख-दर्द क्या समझेंगे। उन्होंने कहा जो शख्स पांच साल तक गायब रहा उससे क्या उम्मीद की जा सकती है, क्या जनता सिर्फ वोट की फैक्टरी मात्र है। डॉ राजेश ने कहा अब कांगड़ा की जनता और सहन करने के मूड में नहीं है क्योंकि बहुत सहन किया है, अब सबक सिखाने का वक्त आ चुका है। डॉ राजेश आज रसु, फर्ना, रानीताल, रजियाणा, भंगवार, राजल, खरठी, नंदरूल, कोहाला में चुनावी बैठकों को संबोधित कर रहे थे।

कांगड़ा के विधायक ने अपने स्वार्थ साधने के अलावा कुछ नहीं किया

डॉ राजेश ने कहा कि वक्त आ चुका है जब हमें सही निर्णय लेना होगा, अपने लिए अपने कांगड़ा के लिए वरना अगले पांच साल फिर कहीं हमें पछताना ना पड़े। उन्होंने कहा कि हम ऐसा निर्णय ही क्यों लें जिसके लिए हमें पछताना पड़े इसलिए अबकी मर्तबा हमें लापता रहने वाले को नहीं बल्कि अपने बीच रहने वाले को चुनना है। उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ हालत यह है कि बीजेपी-संघ की पृष्ठभूमि से जुडे़ रहे शख्स ने अंतिम वक्त पर थक हारकर कांग्रेस टिकट का दांव खेल लिया, पर उसकी हालत यह होकर रह गई कि कांग्रेसियों ने ही उसे अपनाना ठीक नहीं समझा, जिसके चलते वह बीच में लटककर रह गए।


उन्होंने कहा कि बहुत चतुर बनने से कभी-कभी ऐसे हालात बन जाते हैं कि आदमी खुद ही पछताता है, ऐसा ही इस मर्तबा कांगड़ा के विधायक के साथ हो रहा है। उन्होंने कहा कि विधायक वह होता है जो जनता के कहने पर काम करें ना कि अपने स्वार्थ साधने के लिए, जबकि कांगड़ा के विधायक ने अपने स्वार्थ साधने के अलावा कुछ नहीं किया। उन्होंने जो भी काम किया जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए ही किया। डॉ राजेश ने कहा कि अब जनता के पास मौका है कि वह ऐसे लोगों की आंखों में धूल झोंके। उन्होंने आमजन से आहृवान किया है कि नौ नंवबर को ट्रक वाले निशान पर बटन दबाकर एक काम करने वाले पढ़े-लिखे व्यक्ति को आगे आने का मौका दें।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है