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ये कैसा Online Permit … पैसे तो कट रहे पर परमिट नहीं मिलता

ये कैसा Online Permit … पैसे तो कट रहे पर परमिट नहीं मिलता

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रोहतांग जाने के लिए परमिट के लिए हजारों रुपए लुटा चुके हैं चालक

मनाली। रोहतांग दर्रे को जाने के लिए Online Permit लेना मलतब एक खासी सिर दर्दी। इसे व्यवस्था की खामी कहें या तकनीकी खराबी कि Online Permit लेने के लिए वाहन चालक हजारों रुपए लुटा चुके हैं और उनको परमिट फिर नहीं मिला। हाल यह है कि Online Permit हासिल करने के लिए शुल्क तो कट जाता है पर परमिट नहीं मिलता। मनाली के सैकड़ों वाहन चालक चंद दिनों में ही हजारों रुपए परमिट के नाम पर लुटा चुके है। वाहन चालकों सहित सैलानियों को भी इन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मनाली के वाहन चालक मनु और गोपाल ने बताया कि दो दिन के भीतर ही उनके 10 हजार रुपए कट चुके हैं लेकिन एक भी परमिट हासिल नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जब इस बारे बैंक में बात करते हैं तो वे लंबी औपचारिकता का हवाला देकर टाल रहे है। ऐसे में वाहन चालक परेशान हो गए हैं।

Online Permit Rohtang Passदो दिन में समाधान न हुआ तो सड़कों पर उतरेंगे टैक्सी चालक

उन्होंने प्रशासन को आगाह किया कि अगर दो दिनों के भीतर इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो मनाली के टैक्सी चालक सडकों पर उतरने को मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष गुप्त राम ने बताया कि Online Permit प्राप्त करना वाहन चालकों के लिए खासी सिरदर्दी बन गई है। उन्होंने कहा कि मनाली सीजन मात्र दो महीने का है। ऐसे में अगर वाहन चालक परमिट ही प्राप्त कर सके तो वह क्या कमाएगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र प्रशासन से मिलकर यह मांग की जाएगी कि 800 परमिट मनाली में ही वितरित किए जाएं और 400 बाहर से आने वाले वाहनों के लिए रखा जाए। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी बहुत वाहन चालकों के पैसे कट गए थे जो आज तक नहीं मिल पाए है। उधर इस के बारे में एसडीएम मनाली  रमन घरसंगी ने बताया कि Online Permit लेने में कुछ समस्याएं आ रही हैं। जिसे शीघ्र ही दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

फीस कटने के बाद परमिट न मिलने पर पर्यटकों के पैसे किए जा रहे हैं वापस

डीसी यूनुस ने कहा है कि पर्यटक स्थल रोहतांग और मढ़ी के लिए Online Permit की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि पर्यटकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। परमिट की व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण को लेकर पर्यटन विभाग और एनआईसी के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी ने कहा कि इस संबंध में पर्यटकों व अन्य वाहन चालकों की ईमेल के माध्यम से प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों का त्वरित निपटारा किया जाएगा। अगर किन्हीं कारणों से किसी आवेदक की ऑनलाइन फीस कटने के बाद भी परमिट नहीं मिल पाता है तो उसके पैसे बैंक के माध्यम से वापस किए जाएंगे। Online Permit व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और इसकी निगरानी के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है। यह टीम परमिट के अलावा पेमेंट व अन्य प्रक्रियाओं पर भी लगातार नजर रखेगी। डीसी ने बताया कि रोहतांग को लेकर एनजीटी के आदेशों की अक्षरशः अनुपालना सुनिश्चित की जा रही है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने Online Permit जारी करने के लिए सुबह दस बजे और शाम चार बजे का समय निर्धारित किया है। इन दोनों समय में केवल 1200 गाड़ियों को ही Online Permit दिया जा रहा है। डीसी ने कहा कि गुलाबा बैरियर या किसी पर्यटक स्थल पर कोई परेशानी होने पर पर्यटक एसडीएम मनाली, जिला पर्यटन विकास अधिकारी और जिला प्रशासन से शिकायत कर सकते हैं।


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