Covid-19 Update

59,197
मामले (हिमाचल)
57,580
मरीज ठीक हुए
987
मौत
11,244,092
मामले (भारत)
117,591,889
मामले (दुनिया)

नेगेटिव कैलोरीज फूंड खाएंगे तो कभी नहीं बढ़ेगा वजन

नेगेटिव कैलोरीज फूंड खाएंगे तो कभी नहीं बढ़ेगा वजन

- Advertisement -

मोटापे से बचने के लिए खाने में कैलोरीज को नियंत्रित करने की सलाह दी जाती हैं।  जो लोग अपनी हेल्श को लेकर कॉन्शियस होते हैं उनकी डाइट में कैलोरीज कम व पौष्टिक तत्व अधिक होते हैं। जो लोग  जिम  जाते हैं और इंटेस वर्कआउट करते हैं, उनके ल‍िए एक एक कैलोरीज मायने रखते हैं। अगर आप भी उनमें शामिल हैं तो आपको नेगेटिव कैलोरिज की जनकारी होनी बहुत जरूरी है। 
नेगेटिव कैलोरिज फूड वह खाद्य पदार्थ हैं, जिन्हें पचाने के लिए और कैलरीज की जरूरत पड़ती है। यह इस बात का संकेत है कि आप इस तरह का कोई भी फूड लें, लेकिन उससे आपका वजन नहीं बढ़ेगा। जब आप इन फूड्स को खा लेते हैं, तब आपकी बॉडी में भी कैलोरी बर्न होना शुरू हो जाती है। जिन खाद्य पदार्थों में कोई पोषक तत्‍व नहीं होता है, वो सिर्फ खाली एक कैलोरी होती है। यह आपके शरीर में जमा होकर वसा या फैट का न‍िर्माण करने लगता है। जंक और मीठे व्‍यंजन सब कैलोरीज के अंतर्गत आते है।
 जामुन, नींबू के फल, गाजर, टमाटर, खीरे, तरबूज, उबचिनी, सलाद, आदि जैसे खाद्य पदार्थ नेगेटिव कैलोरी की श्रेणी में आते थे।  इन्‍हें खाने से न केवल आपको हेल्‍दी कैलोरिज मिलती है बल्कि इनमें विटामिंस, मिनरल्‍स, फाइबर, आदि पाए जाते है।
नेगेटिव कैलोरी ज्यादातर पौधों से प्राप्त होने वाली चीजों में पाई जाती है और इनमें फाइबर और पानी की मात्रा अधिक होती है। फूलगोभी, सलाद, तरबूज, गाजर, ककड़ी, सेब, टमाटर और तोरईं में नेगेटिव कैलरी पाई जाती हैं। वजन घटाने के लिए इस तरह के खाद्य पदार्थ आपकी रस प्रक्रिया को बढ़ाते हैं क्योंकि उनमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। इनको पचाने का वक्‍त भी काफी लंबा होता है और इस वजह से आपके मेटाबॉल‍िज्‍म की दर बढ़ जाती है जो आपके अंदर मौजूद कैलोरीज को बर्न करती है।
हम जो कुछ भी खाते हैं, उनमें कहीं-न-कहीं कैलोरी की मात्रा होती ही है। जिनमें पोषक तत्व नहीं होते हैं वो सिर्फ एक तरह का कैलोरी होता है। जो शरीर में जमा होकर शरीर में फैट का निर्माण करता हैऔर आपका वजन बढ़ता रहता है। जितने भी जंक और शुगरी फूड है वो इसी श्रेणी में आते हैं।
 जिन खाद्य पदार्थों में फाइबर और पानी की मात्रा ज्यादा होती है, उनमे कैलोरी की मात्रा कम पाई जाती है। ऐसे में आपको पाचन के लिए अधिक ऊर्जा और कैलोरी की जरूरत पड़ती है।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है