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सख्तीः त्रियूंड में गदंगी फैलाई तो लगेगा जुर्माना

सख्तीः त्रियूंड में गदंगी फैलाई तो लगेगा जुर्माना

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Eco tourism : धर्मशाला। प्राकृतिक सौंदर्य से लबरेज त्रियूंड क्षेत्र में ईको टूरिज्म साइट विकसित करने के तहत वन विभाग की ओर से  किस अनियमितता पर कितना जुर्माना लगाया जाएगा, इसकी सूची तैयार कर ली गई है, जिसे आगामी 7 अप्रैल को ईको टूरिज्म साइट की मीटिंग में स्वीकृति प्रदान की जाएगी। रमणीक पर्यटक स्थल त्रियूंड में वन विभाग द्वारा प्रस्तावित ईको टूरिज्म साइट के तहत अब वहां अवैध रूप से दुकान लगाने पर 25 हजार रुपए जुर्माना वसूल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त टेंट लगाने में मनमर्जी करने पर 5 हजार जुर्माना लगाने के साथ टेंट भी जब्त किया जाएगा। डीएफओ धर्मशाला प्रवीण ठाकुर ने बताया कि त्रियूंड में ईको टूरिज्म साइट विकसित करने के लिए वन विभाग ने वहां 11 कैंपिंग साइट निश्चित की हैं।

जुर्माने की सूची तैयार, विभाग की अगली मीटिंग में मिलेगी स्वीकृति

एक हेक्टेयर क्षेत्र में चिन्हित इन 11 कैंपिंग साइटस में 500 के लगभग छोटे व बड़े टेंट लगाए जा सकेंगे। वर्तमान में त्रियूंड क्षेत्र में 5 दुकानें संचालित की जा रही हैं, यह दुकानें तिरपाल लगाकर संचालित की जा रही हैं, लेकिन वन विभाग की प्रस्तावित योजना के तहत एक शैड बनाकर इन दुकानदारों को जगह उपलब्ध करवाई जाएगी। ठाकुर ने कहा कि त्रियूंड में स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से विभाग ने यहां एनजीओ के वालेंटियर्स नियुक्त करने का भी निर्णय लिया है। क्षेत्र में कचरा फैलाने या पानी की बोतलें यहां-वहां फेंकने वाले पर्यटकों से भी यह वालेंटियर्स जुर्माना वसूल करेंगे और इस जुर्माने से ही उन्हें कमीशन दी जाएगी। यदि कोई पर्यटक कचरा यहां-वहां फेंकता है तो उसे जुर्माने की राशि से अवगत करवाने के लिए वालेंटियर्स के पास विवरणिका भी उपलब्ध रहेगी। हालांकि वन विभाग ने ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के दौरान त्रियूंड जाने वाले पर्यटकों के लिए व्यापक व्यवस्थाएं कर रखी हैं, लेकिन अनियमितता पर कितना जुर्माना लगाया जाएगा, इस पर अंतिम मोहर 7 अप्रैल की ईको टूरिज्म सोसायटी की बैठक में लगाई जाएगी।


गौरतलब है कि त्रियुंड को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यटक स्थल बनाने की कवायद लंबे समय से चल रही है और इसी के मद्देनजर ईको टूरिज्म सोसायटी का गठन किया गया है। सोसायटी के अनुमोदन पर ही त्रिंयूड की ओर जाने वाले खतरनाक रास्तों के किनारे फेंसिंग भी करवाई गई है, ताकि पर्यटकों के गिरने का खतरा न रहे।

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