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आर्थिक सर्वेक्षण : अमीर हो गया Himachal का हर आदमी

आर्थिक सर्वेक्षण : अमीर हो गया Himachal का हर आदमी

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 शिमला। हिमाचल प्रदेश में भले ही प्रतिव्यक्ति आय बढ़ी है और प्रदेश का हर नागरिक और अमीर हुआ है, लेकिन इसके विपरीत राज्य की विकास दर में गिरावट आई है। प्रदेश की विकास दर 8.1 फीसदी से घटकर 6.8 फीसदी पर पहुंच गई है। जो राष्ट्रीय विकास दर 7.1 फीसदी से भी कम है। राज्य में प्रति व्यक्ति आय पिछले वर्ष के 135621 रुपये के मुकाबले बढ़कर इस वित्त वर्ष में 147277 रुपये हो हई है। राज्य के मौजूदा वित्त वर्ष 2016-17 के आर्थिक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई है। सीएम वीरभद्र सिंह ने यह रिपोर्ट आज सदन में पेश की। इस रिपोर्ट के मुताबिक राज्य का सकल घरेलू उत्पाद वर्ष 2014-15 के 113667 करोड़ रुपए से बढ़कर 2015-16 में 104177 करोड़ रुपए हो गया और 2016.17 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 124570 करोड़ रुपए होने की संभावना जताई है।

  • सीएम ने सदन में पेश की रिपोर्ट,  राज्य में प्रति व्यक्ति की आय में इजाफा
  • प्रदेश की विकास दर 8.1से घटकर 6.8 फीसदी पर पहुंची
  • 10190 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा गया

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2016-17 फल उत्पादन कम हुआ है। मौजूदा वित्त वर्ष में (दिसंबर तक) फल उत्पादन 5.10 लाख टन हुआ है। जबकि पिछले वर्ष यह 9.29 लाख टन रहा। कुल फल उत्पादन में सेब की हिस्सेदारी 84 फीसदी है। दिसंबर 2016 तक 4.56 लाख टन सेब का उत्पादन हुआ, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह उत्पादन 7.77 टन रहा। सेब के उत्पादन में पिछले वित्त वर्ष (2015-16) में आई कमी के कारण ही राज्य में कुल फल उत्पादन में कमी आई है। मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत सेब के 36 खंडों, आम के 41 खंडों, किन्नू के 15 और पलम के 13 खंडों को कवर किया गया है।


राज्य में मार्च 2016 तक 33471 हैंडपंप लगाए। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में इस वक्त 576 मध्यम व बड़े उद्योग और करीब 43420 लघु पैमाने की इकाइयां कार्यरत हैं। अकुशल श्रेणी के श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी 180 से बढ़ाकर 200 रुपए की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि 31 दिसंबर 2016 तक राज्य के रोजगार पंजीकृत कार्यालयों में 824478 बेरोजगार पंजीकृत किए गए। राज्य में पनबिजली उत्पादन की क्षमता 27436 मेगावाट की आंकी गई है। इसमें से 10351 मेगावाट का अभी दोहन हो रहा है। यह कुल क्षमता का 37.73 फीसदी है। इस पहाड़ी राज्य में सड़कें विकास की भाग्य रेखा कही जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 31 दिसंबर, 2016 तक 36256 किमी. लंबी सड़कें बनाई जा चुकी हैं और 10190 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा गया। वर्ष 2016-17 में सड़कों के लिए 912.73 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य में एचआरटीसी के बेड़े में 3012 बसें हैं और ये बसें 2530 मार्गों पर हर दिन 5.54 लाख किमी. की दूरी तय करती है।

पर्यटन राज्य में सैलानियों का आंकड़ा साल-दर-साल बढ़ रहा है और पिछले वर्ष दिसंबर तक यहां एक करोड़ 84 लाख 51 हजार सैलानी आए। यानी राज्य की आबादी से 2.7 गुणा अधिक सैलानी यहां वर्षभर में आए। राज्य में 10735 प्राइमरी, 2103 मिडल, 929 हाई और 1719 सीनियर सेकेंडरी स्कूल और 115 कालेज चल रहे हैं। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत बेसहारा लड़कियों के अभिभावकों को 40 हजार रुपये विवाह अनुदान दिया जा रहा है और 1314 लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया गया।बेटी है अनमोल योजना के तहत 11359 बालिकाओं को लाभांवित किया गया है। मनरेगा के तहत 150.31 लाख कार्यदिवस सृजित किए गए और 431933 परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया। राज्य में बेहतर व यथासमय सेवा के लिए सेवा अधिनियम के तह त 20 विभागों में 119 सेवाओं को लागू किया गया। इसके साथ-साथ राज्य की जनता के लिए लोकसेवा हैल्पलाइन स्थापित की गई। सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के मामलों के लिए टोल फ्री टेलीफोन नंबर की सुविधा भी शुरू की गई। राच्य को शिक्षा एवं समग्र विकास में देश का सर्वेश्रेष्ठ राज्य आंका गया है।

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