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इनाम की चाह में अध्यापकों का फिसला ईमान

इनाम की चाह में अध्यापकों का फिसला ईमान

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धर्मशाला। बच्चों को ईमानदारी की नीति अपनाने की शिक्षा देने वाले अध्यापकों का खुद का ईमान इनाम पाने के लिए फिसल रहा है। ईनाम प्राप्त करने की होड़ में स्कूल प्रशासन शिक्षा विभाग को गलत जानकारी देकर सम्मान प्राप्त करना चाह रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्मान योजना के तहत लगातार पांच वर्षों से शत प्रतिशत परिणाम देने वाले अध्यापक को सम्मानित किया जाना है, जिसके लिए निदेशालय ने सभी स्कूलों के इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। कांगड़ा शिक्षा विभाग ने तीन दिन पहले सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं कि जिन स्कूलों के अध्यापकों की पिछले 5 सालों से वार्षिक परिणाम शत प्रतिशत हैं, वह परिणाम की जानकारी व अध्यापक का नाम व पता विभाग में भेजें। अब तक विभाग को आधा दर्जन स्कूलों से इस संबंध में रिपोर्ट आई हैं, जोकि स्वीकार्य ही नहीं है। इसलिए विभाग ने ऐसी रिपोर्ट भेजने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की गाज गिराने का निर्णय लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्कूल पिछले पांच सालों से शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले अध्यापकों का पता नहीं भेज रहे, बल्कि जिन अध्यापकों के इस वर्ष या एक से दो वर्षों से 100 प्रतिशत परिणाम आ रहे हैं। उन्हीं की रिपोर्ट भेज दे रहे हैं, ताकि ऐसे अध्यापक भी सम्मानित हो जाएं। बड़ी बात तो यह है कि यह रिपोर्ट स्कूल मुखिया भेज रहे हैं।

kamal-kishoreउधर, उच्च शिक्षा उपनिदेशक कांगड़ा कमल किशोर गुप्ता ने बताया कि वह दो दिन से टूर पर हैं। इसलिए किस तरह की रिपोर्ट आई है, वह नहीं बता सकते। यदि ऐसी रिपोर्ट्स आ रही हैं तो संबंधित स्कूल मुखियाओं से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और जरूरी हुआ तो नियमानुसार कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
देर से आए पर दुरुस्त आए
धर्मशाला। बरसात के दिनों में सरकारी स्कूलों की जर्जर करते भवनों में हुई दुर्घटनाओं के बाद सरकार हरकत में आई है। इसके चलते प्रदेश भर के जर्जर भवनों में चल रहे स्कूलों को नए भवन बनाने की कवायद शुरू की गई है। इसी कड़ी में स्कूल मुखियाओं से स्कूलों की रिपोर्ट मांगी गई है। ऐसा कहा जा सकता है कि देर आए पर दुरुस्त आए।

school-buildingसरकार के जारी आदेशों के अनुसार उपायुक्त के माध्यम से सभी प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशकों और उच्च शिक्षा उपनिदेशकों को सूचना एकत्रित करने के आदेश जारी किए गए हैं। सूचना के अनुसार शिक्षा विभाग के तहत जर्जर हालत में पड़े इन भवनों की रिपोर्ट के आधार पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए इसे विघटित किया जाएगा और बाद में इसके स्थान पर नए भवन बनाए जाएंगे। उधर, उच्च शिक्षा उपनिदेशक कांगड़ा कमल किशोर गुप्ता ने बताया कि उपायुक्त के आदेशानुसार सभी स्कूल मुखियाओं को एक सप्ताह के अंदर जर्जर भवनों की रिपोर्ट भेजने के आदेश जारी किए गए हैं।

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