Covid-19 Update

58,879
मामले (हिमाचल)
57,406
मरीज ठीक हुए
983
मौत
11,156,748
मामले (भारत)
115,765,405
मामले (दुनिया)

लापरवाहीः Solan अस्पताल में बुजुर्ग की मौत; न Oxygen सिलेंडर मिला, न Ambulances

लापरवाहीः Solan अस्पताल में बुजुर्ग की मौत; न Oxygen सिलेंडर मिला, न Ambulances

- Advertisement -

सोलन। कहते है डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं, लेकिन अगर वही भगवान जान लेने पर उतारू हो जाएं तो फिर मरीज का क्या होगा। जी हां, सोलन अस्पताल में पेश आए एक ऐसे ही मामले ने कई सवालों को खड़ा कर दिया। बहरहाल, बुधवार को क्षेत्रीय अस्पताल में अपने दादा के उपचार को पहुंची युवती को डॉक्टरों की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा।

लाचार पोती डॉक्टरों के आगे गिड़गिड़ाती रही, नहीं पसीजा किसी का दिल

दरअसल पहले तो डॉक्टरों ने सबकुछ ठीक बताया और बुजुर्ग को वार्ड में शिफ्ट कर दिया। बाद में जब मरीज की हालात खराब होने लगी तो पोती ने रोते हुए डॉक्टरों से जांच की गुहार लगाई, लेकिन मरीज की हालत को देख डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रैफर कर दिया। इसी बीच बुजुर्ग की सांसें जवाब देने लगी। बताया जा रहा है कि जब 108 एबुलेंस को बुलाया गया, तो वह भी अस्पताल में नहीं थी। जब बुजुर्ग को निजी गाड़ी में ले जाने लगे तो वहां ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत महसूस की गई। पोती ने अस्पताल प्रशासन से सिलेंडर की मांग की तो उन्होंने 5 हजार रुपए सिक्युरिटी की मांग कर डाली, जो युवती के पास नहीं थे। वह रोते-बिलखते अस्पताल प्रशासन से गुहार लगाती रही कि उसके पास पैसे नहीं हैं। दादा की तबीयत खराब हो रही है, आप गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाएं, लेकिन वहां किसी का दिल नहीं पसीजा।

दो घंटे तक तड़पता रहा मरीज

बताया जा रहा है कि इसी जद्दोजहद में 2 घंटे बीत गए और बुजुर्ग की हालत बिगड़ती चली गई। अंत में उसने दम तोड़ दिया। बात यह है कि युवती के माता-पिता पहले ही नहीं हैं, उसके दादा ही उसका अंतिम सहारा थे। उसने कहा कि अब वह भी अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से चले गए। बुजुर्ग के साथ आए तीमारदारों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि बुजु्र्ग की जान अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से गई है। उन्होंने कहा कि पहले तो डॉक्टरों ने उनका ठीक से इलाज नहीं किया। बाद में उसे रैफर कर दिया। अस्पताल से उन्हें ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सोलन अस्पताल में आम हो गई हैं। रोगी अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं, लेकिन डॉक्टरों पर इसका कोई असर नहीं होता। उधर, सोलन अस्पताल के एमएस महेश गुप्ता का कहना है कि वह पिछले चार दिन से छुट्टी पर हैं और अगले चार दिन और छुट्टी पर रहेंगे। इस बारे में उन्होंने जानकारी नहीं हैं। 

OMG: पुलिस के Torture से तंग युवक ने अपने पेट में 5 बार घोंपा चाकू, हालत नाजुक

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है