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मोदी 2.0: अब अलग-अलग आएगा सुबह, दोपहर और शाम का बिजली बिल

मोदी 2.0: अब अलग-अलग आएगा सुबह, दोपहर और शाम का बिजली बिल

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नई दिल्‍ली। मोदी सरकार ने घर-घर तक बिजली पहुंचाने के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया है। सरकार का लक्ष्य हर घर को 24 घंटे बिजली देने का है। इसी कड़ी में जल्द उदय स्कीम पार्ट-2 लॉन्च की जा सकती है। ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा है कि एनजीटपीसी पावरग्रिड (Powergrid) घाटे में चल रही डिस्कॉम को टेकओवर कर सकती है। मंत्री ने कहा कि लापरवाह बिजली वितरण कंपनियों के खिलाफ भी सरकार सख्ती से निपटेगी। उन्होंने कहा कि पर्याप्त बिजली (Electricity) सप्लाई नहीं करने पर बिजली वितरण कंपनियों का लाइसेंस तक रद्द हो सकता है। इतना ही नहीं अगर तय समय पर ट्रांसफार्मर (Transformer) नहीं लगता है और लोगों को बिजली का कनेक्शन नहीं मिलता है तो ऐसी स्थिति में डिस्कॉम को पेनल्टी चुकानी होगी। आरके सिंह ने बिजली बिल में बदलाव को लेकर बड़ा संकेत दिया है। अब बिजली इस्तेमाल को लेकर दिन में तीन तरह के पावर टैरिफ (Tariff) हो सकते हैं। ग्राहकों को सुबह, दोपहर और शाम के लिए अलग-अलग टैरिफ (स्‍लैब) के मुताबिक बिजली बिल भरना पड़ सकता है, नई टैरिफ पॉलिसी में इसका जिक्र है।


 

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उन्होंने कहा कि अब राज्यों को पावर सेक्टर के लिए केंद्र से आर्थिक मदद तभी मिलेगी, जब वो उदय स्कीम पार्ट-2 के तहत टारगेट को पूरा करेंगे। राज्य जितना टारगेट पूरा करेगा उसे उतना ही पैसा मिलेगा। दरअसल, मोदी सरकार का दूसरे कार्यकाल में बिजली और पानी पर खास फोकस है। सरकार ने सबसे पहले बिजली चोरी पर लगाम लगाने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है। सरकार बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों की हालत सुधारने के लिए बिजली चोरी रोकने को लेकर एक्शन में है। मोदी सरकार तीन स्तरीय प्लान में ईमानदार बिजली ग्राहकों को 24 घंटे बिजली मुहैया कराई जाएगी। सरकार का बिजली केबल अंडर ग्राउंड करने का प्लान भी है। सरकार स्मार्ट मीटर लगाने की योजना में रफ्तार लाने पर विचार कर रही है। जिन राज्‍यों में स्मार्ट मीटर लगाने की रफ्तार सुस्त है, वहां केंद्र सरकार संवाद स्थापित करेगी। खास बात यह है कि स्मार्ट मीटर लगाने में जो खर्च आएगा, उसे सरकार वहन करेगी, ग्राहकों से इसका कोई चार्ज नहीं वसूला जाएगा। जिन इलाकों में सबसे ज्यादा बिजली चोरी होती है वहां का डाटा तैयार कर राज्य सरकार केंद्र को देगी।

 

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