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Electricity Board में फैली अव्यवस्था के लिए अधिकारी दोषी

Electricity Board में फैली अव्यवस्था के लिए अधिकारी दोषी

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धर्मशाला। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों के लिए पिछले साल सीएम ने कई लोक लुभावनी घोषणाएं की थी, लेकिन कर्मचारियों को इसका कोई लाभ आज तक नहीं मिला है। सीएम की घोषणाओं को एक वर्ष होने को है, लेकिन इनपर कोई अमल अभी तक नहीं हुआ है। यह सारी अव्यवस्थाएं बोर्ड के उच्चाधिकारियों के कारण हो रही हैं जो कि प्रदेश के सीएम के निर्देशों का भी पालन नहीं कर रहे। यह शब्द हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान कहे।  कुलदीप ने विद्युत बोर्ड में फैली तमाम तरह की अव्यवस्थाओं के लिए सीधे तौर पर बोर्ड के उच्चाधिकारियों को दोषी ठहराया है।


उनका कहना है कि यूनियन के महाधिवेशन में कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने, करुणामूलक आधार पर नौकरी देने और रिक्त हो रहे पदों को देखते हुए 5 साल का रोडमैप तैयार करने के निर्देश उच्चाधिकारियों को दिए थे। अब एक वर्ष होने को है, लेकिन इन सब विषयों पर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। जब इसके बारे में कर्मचारी पूछते हैं तो उन्हें अधिकारियों से यही जवाब मिलता है कि मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है। कुलदीप सिंह ने आरोप लगाया कि फील्ड स्टाफ के साथ होने वाले हादसों में लगातार वृद्धि हो रही है लेकिन बोर्ड अधिकारी इस मामले में भी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। फील्ड स्टाफ को जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे हैं यहां तक कि सामान्य दस्ताने भी फील्ड स्टाफ के पास नहीं हैं।


स्टाफ पर बढ़ा काम का दबाव

स्टाफ की कमी होने से भी फील्ड स्टाफ पर दबाव बहुत अधिक बढ़ गया है और तनाव में रहने वाले कर्मचारी हादसों का शिकार हो रहे हैं। यूनियन प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि यूनियन कई बार उच्चाधिकारियों को इन मसलों का हल गंभीरता से करने जा आग्रह कर चुकी है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका है। ऐसा लग रहा है कि बोर्ड की अफसरशाही बिजली बोर्ड कर्मचारियों को संघर्ष पर उतरने के लिए बाध्य कर रही है। अफसरशाही के नकारात्मक रवैये के विरोध में यूनियन 23 मई को शिमला स्थित बोर्ड मुख्यालय में धरना प्रदर्शन करेगी। यदि फिर भी अफसरशाही कोई काम नहीं करती है तो 14 जून को सोलन में होने वाली यूनियन की कार्यकारिणी की बैठक में आगामी रणनीति बनाई जाएगी।

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