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बिजली Board कर्मियों की गरजः निरस्त हों वेतन कटौती के आदेश

बिजली Board कर्मियों की गरजः निरस्त हों वेतन कटौती के आदेश

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Electricity Board : शिमला। राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने आज अपने मुख्यालय के बाहर हल्ला बोला। अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और अपनी मांगों को उठाया। इस धरना प्रदर्शन में बोर्ड के सैकड़ों कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और बोर्ड प्रबंधन से मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।  हिमाचल प्रदेश राज्य वि्द्युत बोर्ड इंप्लाइज यूनियन के प्रदेषाध्यक्ष  कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने इस दौरान कहा कि यदि बोर्ड प्रबंधन वर्ग यूनियन की मांगों पर समय रहते हल नहीं निकालती तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे और राज्यभर में धरना और प्रदर्शन किए जाएंगे।

बोर्ड प्रबंधन मुख्यालय के बाहर बोला हल्ला, चेताया

खरवाड़ा ने कहा कि बोर्ड प्रबंधन ने तीन वर्ष पहले बोर्ड की 48 तकनीकी व अन्य श्रेणियों के वेतनों को पंजाब बिजली कंपनी के बराबर लाने के लिए घटा दिया था, जो कि न्यायसंगत नहीं है और तथ्यों से परे है। उनका कहना था कि इस कारण इन श्रेणियों के कर्मचारियों के वेतन में कटौती हुई है और कई जगह इनके वेतन से रिक्वरी की जा रही है। उनका कहना था कि यदि बोर्ड प्रबंधन वर्ग पंजाब बिजली कंपनी की तर्ज पर वेतन देना चाहता है तो वहां इन श्रेणियों को दिए जा रहे टाइम स्केल भी इन 48 श्रेणियों के कर्मचारियों दिया जाना चाहिए था। यूनियन अध्यक्ष ने बोर्ड प्रबंधन से मांग की कि इन कर्मचारियों के वेतनों को कम करने वाले कार्यालय आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए। इसके अतिरिक्त पदोन्नति पर बढ़ी हुई ग्रेड-पे के लिए दो साल की शर्त को भी उन्होंने अन्याय संगत करार देते हुए इसे तुरन्त खत्म करने की मांग की।

सीएम वीरभद्र सिंह की घोषणा की जा रहा नजर अंदाज

अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बोर्ड की 48 श्रेणियों के वेतन विसंगतियों के मामले को बिजली बोर्ड के लिए गठित सर्विस कमेटी जानबूझ कर उलझा रही है और सीएम वीरभद्र सिंह की इस बारे की गई घोषणा को नजर अंदाज किया जा रहा है। उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खडे़ किए और उनके इस तानाशाही रवैये के खिलाफ प्रदेशभर में आंदोलन छेड़ने की बात की। खरवाड़ा ने आरोप लगाया कि बिजली बोर्ड में 800 से अधिक करुणामूलक के मामले वर्ष 2006 से लंबित पड़े हैं। इससे इनके परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि सभी लंबित मामलों को प्रदेश सरकार की तर्ज पर एक मुश्त नौकरी प्रदान की जाए। 

2 सप्ताह के अंदर होगी निदेशक मंडल व सर्विस कमेटी की बैठक

रैली के बाद कर्मचारी यूनियन को आज बोर्ड प्रबंधक ने यूनियन के पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाया और 2 सप्ताह के अंदर इन मामलों को सुलझाने के लिए बिजली बोर्ड निदेशक मंडल व सर्विस कमेटी की बैठक बुलाने की बात मानी है। यूनियन ने बोर्ड प्रबंधक वर्ग को ग्रेड पे व अन्य मुद्दों को 14 जून, 2017 तक हल करने का समय दिया और कहा यदि इस बीच मामले को सुलझाया नहीं जाता तो यूनियन को मजबूरन बडे़ आंदोलन की ओर बढ़ना पड़ेगा।

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