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एक Engineer ने किया भगवान विष्णु के 10वें अवतार… कल्कि होने का दावा

एक Engineer ने किया भगवान विष्णु के 10वें अवतार… कल्कि होने का दावा

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अहमदाबाद। सरदार सरोवर परियोजना में कार्यरत एक अधीक्षक अभियंता ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के पास ये दावा किया है कि वह अपनी नौकरी के लिए ओवर क्वालिफाइड है, क्योंकि वह भगवान विष्णू का 10वां अवतार है। अभियंता, रमेशचंद्र फेफर ने अपनी अनुपस्थिति पर एक कारण बताओ नोटिस के जवाब में कहा है कि, वे वैश्विक चेतना को बदलने के लिए घर पर ध्यान लगा रहे हैं। उनका कहना है कि उनके इस मिशन की वजह से ही उन्हें ऑफिस आने के लिए वक्त कम मिला। बता दें कि रमेशचंद्र फेफर ने आठ महीनों के दौरान केवल 16 दिन ही ऑफिस में काम पर पहुंचे हैं। फेफर ने सरदार सरोवर पुनह-वासवत एजेंसी के कमीशन (पश्चिम) द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिस के जवाब में पूछा है कि, क्या मैं घर पर बैठ कर देश को सूखे से बचाने के लिए ध्यान लगाना चाहिए या ऑफिस आकर अपना समय बर्बाद करना चाहिए।


कारण बताओ नोटिस में फेफर को उनके उपस्थिति रिकॉर्ड के लिए फटकार लगाई गई है। नोटिस मे कहा गया कि, आप 22 सितंबर 2017 को ड्यूटी ज्वॉइन करने के बाद बेहद अनियमित रहे, आप किसी अनुमति के बिना अनुपस्थित रहे हैं। इस प्रकार का आचरण सरकारी अधिकारी के अनुरूप नहीं है। कर्तव्य से आपकी अनुपस्थिति ने पुनर्वास के काम पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है जो कि अंतिम चरण में है क्योंकि आप अधीनस्थों को मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए उपलब्ध नहीं हैं। आपको सात दिनों के भीतर अनधिकृत अनुपस्थिति बारे स्पष्टीकरण देना होगा। अन्यथा नियमों के तहत आपके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी।

नोटिस का जवाब देते जो स्पष्टीकरण फेफर ने दिया है वो कुछ इस तरह है

फेफर का कहना है कि, मैं भगवान विष्णु का कल्कि के रूप में 10 वां अवतार हूं। मैं किसी दूसरी दुनिया में ध्यान कर रहा हूं …यह काम मैं ऑफिस में नहीं कर सकता। इस वजह से मैं कार्यालय में शारीरिक रूप से मौजूद नहीं रहता हूं। फेफर का यह भी कहना है कि वे मां जगदंबा के अनन्य भक्त हैं और उनकी प्रार्थनाओं ने ही गुजरात को ‘Anti God’ द्वारा बारिश रोकने के प्रयासों के बावजूद सूखे से बचाया है। अभियंता का ये जवाब सरकारी महकमे में खूब वायरल हो रहा है। एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि वे गुजरात सरकार को उनके जवाब की रिपोर्ट भेजेंगे। सरदार सरोवर पुणह-वासवत एजेंसी के डिप्टी कलेक्टर और मीडिया सेल के प्रभारी नीलेश दुबे ने कहा कि, हमें रिपोर्ट मिली है और हमारा प्रशासनिक विभाग इसे संसाधित कर रहा है। फाइल कमिश्नर के समक्ष एक या दो दिन में रखी जाएगी और मामला अधिकारी के मूल विभाग – जल संसाधन विभाग के समक्ष रखा जाएगा।

फेफर एजेंसी के पांच या छह अधीक्षक इंजीनियरों में से एक है। वे गुजरात में मुख्य अभियंता के शीर्ष पद से केवल एक स्तर जूनियर हैं। फेफर कलावद रोड पर राजकोट में शानदार आर्क बंगले में रहते हैं। उनकी पत्नी ने अप्रैल 2017 में राजकोट के महिला पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि वे उन्हें और उनके बेटे को राक्षस बोलते हैं। फेफर को पहले पंचायत सर्कल में राजकोट में तैनात किया गया था और वहां भी उन्हें अक्सर काम से गायब रहने के लिए जाना जाता था।

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