×

कोविड-19 महामारी के दौरान EPFO का ‘उमंग’ में दबदबा, सबसे बड़ा संगठन बना

कोविड-19 महामारी के दौरान EPFO का ‘उमंग’ में दबदबा, सबसे बड़ा संगठन बना

- Advertisement -

शिमला। यूनिफाइड मोबाइल एप्ल‍ीकेशन फॉर न्‍यू-एज गवर्नेंस (उमंग) कोविड-19 (Covid-19) महामारी के दौरान कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) के सदस्‍यों के बीच काफी प्रभावकारी एवं लोकप्रिय रहा। क्‍योंकि उन्‍हें घर बैठे ही बिना किसी बाधा के निरंतर सेवाएं मिलती रहीं।मौजूदा समय में कोई भी पीएफ सदस्य ‘उमंग’ ऐप का उपयोग कर अपने मोबाइल (Mobile) फोन पर ईपीएफओ की 16 विभिन्न सेवाएं प्राप्त कर सकता है। ये सेवाएं पाने के लिए एक सक्रिय यूएएन (सार्वभौमिक खाता संख्‍या) और ईपीएफओ में पंजीकृत मोबाइल नंबर रहना आवश्‍यक है। उमंग ऐप पर ईपीएफओ की सदस्‍य-केंद्रीत सेवाओं का व्‍यापक उपयोग कोविड-19 महामारी के दौरान इसके सदस्‍यों ने किया।उमंग ऐप पर कोई भी सदस्‍य अपना दावा (क्‍लेम) दर्ज कर सकता है, उस पर करीबी नजर रख सकता है और अपने क्‍लेम की ताजा स्थिति जान सकता है। इसके साथ ही ‘उमंग’ पर ईपीएफओ सबसे बड़ा संगठन बन गया है, जिसने ऐप पर 90 प्रतिशत से भी अधिक मौजूदगी दर्ज की है।


यह भी पढ़ें: कोरोना वायरस के चलते EPFO ने टाली अर्ध न्यायिक सुनवाई, Whatsapp नंबर भी जारी

अप्रैल से जुलाई तक 11.27 लाख दावे दाखिल

अप्रैल से जुलाई के दौरान उमंग ऐप के जरिए कुल 11.27 लाख दावे दाखिल या प्रस्‍तुत किए गए। यह दिसंबर 2019 से मार्च 2020 तक की कोविड-19 से पहले की अवधि की तुलना में 180 प्रतिशत अधिक है, क्‍योंकि इस दौरान ऐप के जरिए केवल 3.97 लाख दावे ही प्रस्‍तुत किए गए थे। उमंग ऐप से सदस्‍यों को कोविड-19 महामारी के दौरान कहीं भी आने-जाने पर लगी पाबंदी के बावजूद ईपीएफओ की सेवाएं प्राप्‍त करने में कोई भी परेशानी नहीं उठानी पड़ी। दरअसल, इस सुविधा से ईपीएफओ के कार्यालय जाने की जरूरत काफी कम हो गई।उमंग ऐप के जरिए सदस्‍यों ने जिस सर्वाधिक लोकप्रिय सेवा का काफी उपयोग किया वह ‘व्‍यू मेंबर पासबुक’ (View Member Passbook) है। अगस्त 2019 से जुलाई 2020 तक की अवधि के दौरान इस सेवा को ईपीएफओ के सदस्य पोर्टल के जरिए ईपीएफ सदस्‍यों की ओर से 27.55 करोड़ व्‍यूवरशिप मिली, ज‍बकि उमंग ऐप (Umang App) के जरिए ‘व्‍यू मेंबर पासबुक’ की इसी सुविधा को 244.77 करोड़ एपीआई हिट मिले।

 

‘व्‍यू पेंशनर पासबुक’ को 18.52 लाख एपीआई हिट मिले

इस मोबाइल ऐप पर एक बटन को क्लिक करते ही संबंधित सेवा मिलने में जो अत्‍यंत आसानी होती है, उसकी बदौलत अपेक्षाकृत अधिक सदस्‍यों ने पोर्टल के बजाय उमंग एप को प्राथमिकता दी। अपने 66 लाख पेंशनभोगियों को घर बैठे ही सुरक्षित ढंग से अपनी सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए ईपीएफओ ने ‘व्‍यू पेंशनर पासबुक’ सुविधा के साथ-साथ उमंग ऐप पर ‘जीवन प्रमाण पत्र’ को अपडेट करने की भी सुविधा दी है। इन दोनों ही सेवाओं का व्‍यापक उपयोग मौजूदा पेंशनभोगियों ने किया है। अप्रैल से जुलाई 2020 तक की कोविड-19 महामारी अवधि के दौरान ‘व्‍यू पेंशनर पासबुक’ को 18.52 लाख एपीआई (API) हिट मिले, जबकि अद्यतन जीवन प्रमाण पत्र सेवा को 29,773 एपीआई हिट मिले।अन्‍य महत्‍वपूर्ण सेवाओं में ‘यूएएन एक्टिवेशन’ को 21,27,942 एपीआई हिट मिले, जबकि ईकेवाईसी सेवाओं को अप्रैल-जुलाई 2020 अवधि के दौरान उमंग एप पर 13,21,07,910 एपीआई हिट मिले।भारत में स्‍मार्टफोन रखने वालों की संख्‍या बढ़ने की बदौलत ईपीएफओ अपने सदस्‍यों को मोबाइल गवर्नेंस (Mobile Governance) के जरिए अपनी सेवाएं मुहैया कराने में सफल रहा है, जिससे डिजिटल खाई को पाटने में मदद मिली है। इससे ईपीएफओ को विशेषकर आवश्‍यकता पड़ने के समय अपने हितधारकों को सामाजिक सुरक्षा सेवाएं प्रदान करने में कोविड-19 पाबंदी से उत्‍पन्‍न चुनौती से पार पाने में मदद मिली है।

हिमाचल और देश-दुनिया के ताजा अपडेट के लिए like करे हिमाचल अभी अभी का facebook page 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है