Covid-19 Update

2,18,000
मामले (हिमाचल)
2,12,572
मरीज ठीक हुए
3,646
मौत
33,617,100
मामले (भारत)
231,605,504
मामले (दुनिया)

Covid-19 का खतरा कम होने के बाद तलाशें Online प्रशिक्षण संचालन की संभावनाएं

Covid-19 का खतरा कम होने के बाद तलाशें Online प्रशिक्षण संचालन की संभावनाएं

- Advertisement -

शिमला। आपदा प्रबन्धन अधिनियम के अन्तर्गत राज्य कार्यकारी समिति (एसईसी) की 14वीं बैठक मुख्य सचिव अनिल खाची की अध्यक्षता में  आयोजित हुई। इस बैठक में खाची ने आपदा प्रबन्धन के लिए निरन्तर निगरानी और तैयारी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को जोखिम की स्थिति में तैयारियों के बारे में जानकारी प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान कोविड-19 (Covid-19) का खतरा कम होने के बाद मॉक ड्रिल और अभ्यास किए जाने चाहिए तथा राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण को इसको लेकर ऑनलाइन प्रशिक्षण (online training) का संचालन की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें: फील्ड के आदी  हैं CM Jai Ram ,लेकिन मौका हाथ नहीं लग पा रहा ,रोचक है मामला

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भूकम्प, भूस्खलन, बाढ़, बर्फ के ग्लेशियर खिसकने, सूखा, घरेलू व वन की आगजनी, सड़क दुर्घटनाएं, भगदड़ आदि प्राकृतिक तथा मानव निर्मित आपदाओं के लिए अधिक उन्मुख है। हालांकि राज्य को सर्वाधिक खतरा भूकम्प से है। हाल ही में राज्य में रिक्टर पैमाने पर 4.0 और इससे अधिक क्षमता वाले 80 बार भूकम्प के झटकों का सामना करना पड़ा।

स्वतंत्र संचार व्यवस्था स्थापित की जाने की आवश्यकता

मुख्य सचिव (Chief Secretary) ने कहा कि इस तरह की आपदा के दौरान आधारभूत ढांचे और जरूरी सुविधाओं के अलावा सबसे पहले संचार सुविधाओं को नुकसान होता है। प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के मद्देनजर आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए स्वतंत्र संचार व्यवस्था स्थापित की जाने की आवश्यकता है। दूसरी संचार व्यवस्थाओं के असफल होने की स्थिति में अव्यवसायी रेडियो (एचएएम) एक प्रभावी व वैकल्पिक माध्यम है जिसका उपयोग किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष जनवरी माह में हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के गठन कि अधिसूचना की है। प्रदेश मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है कि इस बल के गठन होने तक प्रदेश पुलिस की एक कंपनी शिमला, मंडी और धर्मशाला में स्थापित की जाएगी। पुलिस विभाग ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के लिए पांच करोड़ रूपये स्वीकृत किए है।

स्कूल और काॅलेज भवनों को करें सुदृढ़

 

अनिल खाची ने कहा कि स्कूल और काॅलेज भवनों को सुदृढ़ किया जाना चाहिए क्योंकि आपदा के समय में इनका उपयोेग किया जाता है। उन्होंने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकारण, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकारण और 39 विभागों को अपनी आपदा प्रबंधन योजना को अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने बहुद्देशिय परियोजना और ऊर्जा विभाग को प्रदेश के बाध प्राधिकरण की पूर्व सूचना एवं चेतावनी प्रणाली के बारे में एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।मुख्य सचिव ने उपायुक्तों, आईआईटी रूढ़की और मंडी के प्रोफेसरों के साथ भी वीडियों कॉफ्रेंसिंग  के माध्यम से बातचीत की।

यह भी पढ़ें: Apple Season के दौरान बागवानों को एक क्लिक पर उपलब्ध होंगे मजदूर , जानें कैसे

राजस्व एवं  आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव ओंकार चंद शर्मा ने जानकारी दी कि पुलिस विभाग को दूरदराज क्षेत्रों और पुलिए बल के लिए वी-सेट खरीदने के लिए धन राशि प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग को 75 स्थलों पर 37 आई-सेट और वी-सेट खरीदने के लिए भी धनराशि प्रदान की गई है। उपायुक्त किन्नौर ने जनजातीय विकास निधी के अन्तर्गत आईआई-एसएटी खरीदें है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों और जनजातीय उपमंडलों के उपमंडल अधिकारियों को 22 आई- सेट प्रदान किए गए है। गैर सरकारी संस्थान प्रज्ञा ने लाहुल-स्पीति के लिए 8 आई-सेट प्रदान किए है।आईआईटी रूढ़की के भू-विभाग के सहायक प्रोफेसर ने प्रदेश सरकार को भूकंप की पूर्व सूचना प्रणाली स्थापित करने के संदर्भ में एक प्रस्ताव भेजा है।

 

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है