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खेतों में अपने आप बन जाते हैं Fairy circles

खेतों में अपने आप बन जाते हैं Fairy circles

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यों तो खेतों में अचानक बन गए सुंदर क्रॉप सर्कल्स को भी फेयरी सर्कल्स का नाम दे दिया गया था, पर यह मामला थोड़ा अलग सा है और एकदम प्राकृतिक भी। क्रॉप सर्कल्स की अनोखी ज्यामितीय आकृतियों की अनुकृति बनाने की पूरी कोशिश firesss1की गई और इसमें कुछ लोग सफल भी हुए, पर वे सर्कल्स उतने सुंदर नहीं बने जितने सुंदर वे अपनेआप बन जाते थे। इसके विपरीत जो आकर्षक गोल घेरे नामीबिया के रेगिस्तान में पाए गए वे किसी भी तरह मानवीय हाथों के बने नहीं हो सकते। निर्जन वीराने में घास प्रजाति की यह वनस्पति एक खूबसूरत सर्कल बनाती है। वैसे नामीबिया के लोग इन्हें सामान्य तौर पर ही लेते हैं और उनके लिए यह कोई आश्चर्यजनक घटना नहीं है। इसके बावजूद यह संरचना प्रकृति का सर्वश्रेष्ठ चमत्कार कही जाती है। रेगिस्तान की लाल मिट्टी पर बने ये घेरे एक प्रकार की झाड़ी से बने हुए हैं। रोचक यही है कि घेरे के अंदर दूसरी कोई वनस्पति नहीं उगती। ये झाडिय़ां बेहद नियंत्रित तरीके से उग कर गोल घेरा बनाती हैं और इस तरह मजबूत घेरा बनाती हैं जैसे दूसरी किसी वनस्पति को अंदर आने से रोक रही हों।

  • नामीबिया के रेगिस्तान की 1800 किलोमीटर की पट्टी इन्हीं असंख्य गोल घेरों से भरी पड़ी है। यह पट्टी अंगोला से उत्तरी-पश्चिमी केप प्राविंस (दक्षिणी अफ्रीका) तक चली गई है।  घेरे की लाल मिट्टी के चारों ओर हरियाली वाले किनारे  इस पूरे क्षेत्र को अत्यंत सुंदर बनाते हैं। घेरों का व्यास दो मीटर से ले कर 20 मीटर तक है। firesss2ये एक सुंदर पैटर्न जैसा बनाते हैं ऐसा लगता है जैसे ये सभी रेगिस्तान की मिट्टी का मजा लेते हुए चुपचाप आसमान की ओर देख रहे हों। इनके आकारों में असमानता है, पर इससे इनकी सुंदरता में कोई कमी नहीं आती। घेरे के किनारे वाली झाडिय़ां घुटनों के बराबर ऊंची हैं। इनकी निर्दोष गोलाइयां और समान दूरी पर होना चकित करता है।
  • स्थानीय लोगों का कहना है कि ये देवताओं के पांव हैं। कुछ कहते हैं कि धरती के अंदर एक बड़ा ड्रैगन है जिसकी सांस से धरती की ऊपरी परत पर बुलबुले बनते हैं और इसी से लाल घेरों का निर्माण होता है। इस रहस्य का पता लगाने के लिए काफी शोध किए गए पर कोई नतीजा नहीं निकला। यह जरूर है कि अगर किसी कारणवश पानी के घेरे बन जाएं तो उनके किनारे उगने वाली घास गोलाई में ही उगेगी। फेयरी सर्कल्स कहे जाने वाले ये कोई अकेले घेरे नहीं हैं, बल्कि हरीभरी धरती पर अलग प्रजाति की वनस्पति को भी फंगस की तरह ही घेरा बनाते देखा गया है। कितनी ही मशरूम की प्रजातियां ऐसी हैं जो घेरे के रूप में ही उगती हैं, पर नामीबिया के इन सर्कल्स का मामला ही अलग है ये बहुत सुंदर और रेगुलर पैटर्न में हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसा किसी खास प्रजाति के कीटों द्वारा किया गया हो सकता है, पर इतने बड़े पैमाने कीड़ों द्वारा  भी घेरे बनाना अविश्वसनीय है। हां, यह संभव है कि घास ने खुद अपना यह पैटर्न तया कर लिया हो और इसी पर आगे बढ़ रही हो। जो भी हो, पर अपने इन फेयरी सर्कल्स के कारण नामीबिया काफी मशहूर हो गया है।

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