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फर्जी एम फार्म फर्जीवाड़ाः जल्द हो सकते हैं बड़े खुलासे, Master Mind अभी भी पकड़ से दूर

फर्जी एम फार्म फर्जीवाड़ाः जल्द हो सकते हैं बड़े खुलासे, Master Mind अभी भी पकड़ से दूर

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पांवटा साहिब। जाली एम फार्म, बिल और स्टांप फर्जीवाड़े मामले में जल्द बड़े खुलासे होंगे। यह दावा पुलिस अधिकारियों ने किया है। वहीं इस मामले के मास्टर माइंड दो आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफत से बाहर हैं। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि रैकेट का सरगना इस फर्जीवाड़े को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से ऑपरेट करता था। बड़ी टीम इस गोरखधंधे को अंजाम देती थी। इसके लिए पांच जीएसटी नंबर रजिस्टर करवाए गए थे तथा फर्जी एम फार्म छपवाकर प्रति ट्रक करीब पांच हजार रूपये की चपत राजस्व विभाग को लगाई जा रही थी। मामले में यह भी बात सामने आई है कि आरोपियों में एक आरोपी आईटी एक्सपर्ट है।


बता दें कि मामले में जैसे-जैसे परतें खुलती जा रही हैं, वैसे-वैसे मामले में संलिप्त लोगों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। उधर, इस मामले में कुछ स्थानीय लोगों की संलिप्तता भी देखी जा रही है। बहरहाल पुलिस लगातार जाली बिल बुक जाली एम-फार्म बुक सहित अन्य दस्तावेज रिकवर कर रही है, क्योंकि मामला सेल टेक्स और जीएसटी से जुड़ा है। इसलिए अधिक पेचीदगियां होने के कारण मामले का जल्द खुलासा होना संभव नहीं है। पुलिस को इस मामले में लंबी तफ्तीश करनी पड़ेगी।


मामले में दो लोगों को किया जा चुका है गिरफ्तार

पुलिस द्वारा फर्जी फार्म रैकेट के मामले में स्थानीय शिव शंकर ट्रांसपोर्ट कंपनी चलाकर सरकार को लाखों के राजस्व का चूना लगा रहे रोहित गोयल को पहले ही गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद बीते कल इसी कडी में उत्तराखंड के देहरादून से ये फर्ज़ीवाड़ा ऑपरेट कर रहे आशीष चौधरी को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि यह फर्जीवाड़ा कितने लंबे समय से चल रहा था और इसके तार किन-किन राज्यों में जुड़े थे।

इस अंतरराज्यीय फर्जीवाड़े में गौरतलब यह भी है कि गत वर्ष जुलाई माह में भी रोहित गोयल जाली एम-फॉर्म बनाने के आरोप में पकड़ा गया था। आरोपियों ने सविता भंडारी की कंपनी के नाम के जाली बिल, 26-ए नंबर व एम-फार्म का नंबर का इस्तेमाल कर कई रेत-बजरी के ट्रक पाकर हेराफेरी की थी, जिसकी शिकायत पुलिस में की गई थी। लेकिन, पुख्ता सबूत ना होने के कारण उस समय आरोपी पुलिस के शिकंजे से छूट गया था। डीएसपी प्रमोद चौहान ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। इस गोरखधंधे में कौन-कौन शामिल थे, इस बात का भी पता लगाया जा रहा है। मामले में जल्द बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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