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Nurpur अस्पताल में गर्भवती महिला मौत मामले में परिजनों ने थाने में दी शिकायत

Nurpur अस्पताल में गर्भवती महिला मौत मामले में परिजनों ने थाने में दी शिकायत

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नूरपुर। जिला कांगड़ा का नूरपुर सिविल अस्पताल (Nurpur Civil Hospital) हमेशा सुर्खियों में रहता आया है। इस बार एक गर्भवती महिला की मौत (Pregnant Woman Death) को लेकर अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। ज्वाली के भलाड़ क्षेत्र के एक व्यक्ति दर्शन लाल ने नूरपुर थाने में शिकायत पत्र सौंपते हुए आरोप लगाया है कि सिविल अस्पताल नूरपुर में तैनात डॉक्टर व स्टाफ (Doctor and staff) की वजह से उसकी गर्भवती पत्नी की मौत हो गई है। अपनी शिकायत में दर्शन लाल ने बताया कि उसकी पत्नी सुष्मीताकर (23) गर्भवती थी। नूरपुर अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। उसकी सभी रिपोर्ट्स सामान्य थी। 27 जुलाई को शाम के समय उसको दर्द शुरू हुई, जिसके चलते प्रसूति के लिए नूरपुर अस्पताल ले जाया गया। 28 जुलाई सुबह तक सब ठीक ठाक था, लेकिन अंदर से अचानक मेरी पत्नी की जोर-जोर से चीखने की आवाजें आने लगी। घबराकर जब हमारे परिजनों ने अंदर जाना चाहा तो उनको यह कहकर बाहर ही रोक दिया गया की जुड़वा बच्चे हैं, समय लगेगा।

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कुछ देर ऐसे ही चलता रहा और बाद में चिकित्सक ने हमें यह कहा कि सुष्मीताकर की हालत गंभीर है। उसे टांडा (Tanda) ले जाओ। जब हमारे परिजनों ने अंदर जाकर देखा तो पाया कि उसके शरीर में लंबे चीरे लगे हुए थे। उसके बाद एंबुलेंस मांगने पर अस्पताल द्वारा एंबुलेंस भी मुहैया नहीं करवाई गई तथा एक प्राइवेट एंबुलेंस से हम उसको आनन-फ़ानन में पठानकोट के निजी अस्पताल ले गए। उन्होंने कहा कि सुष्मीताकर ने सुबह 4 बजे एक बच्चे को जन्म दे दिया था, लेकिन हमें यह जानकारी तब दी गई जब हम पीड़िता को रेफर करवा एंबुलेंस में डाल रहे थे।

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उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल पहुंचने से पहले ही मेरी पत्नी ने दम तोड़ दिया। दर्शन लाल ने पुलिस को सौंपी शिकायत (Complaint) में गुहार लगाते हुए कहा कि अस्पताल में उक्त चिकित्सक व उसके साथ जो स्टाफ मौजूद था वो उसकी पत्नी की मौत के जिम्मेदार है तथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। इस संदर्भ में अस्पताल के प्रभारी डॉ. दिलवर सिंह का कहना है कि इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा ने जांच रिपोर्ट मांगी थी जो उनको सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि महिला की मौत निजी अस्पताल में हुई है। उन्होंने कहा कि गर्भवती की डिलीवरी के दौरान उनका प्रसवोत्तर (पीपीएच) हो गया था, जिसके चलते उसको रेफर किया गया।

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