Covid-19 Update

2,00,832
मामले (हिमाचल)
1,95,254
मरीज ठीक हुए
3,440
मौत
30,028,709
मामले (भारत)
179,981,557
मामले (दुनिया)
×

Mandi International Airport के विरोध में किसानों का अनोखा प्रदर्शन

सरकार से मांग- हवाई अड्डे को किसी दूसरी जगह बनाया जाए

Mandi International Airport के विरोध में किसानों का अनोखा प्रदर्शन

- Advertisement -

मंडी। सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) के गृह जिला मंडी के नागचला में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (Proposed International Airport) पर खतरे के बादल मंडरा गए हैं। इसी को लेकर आज बल्ह बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों द्वारा खेतों में जमकर विरोध किया। किसानों ने अपने टमाटर के खेतों में कार्य करते हुए सरकार से मांग की है कि प्रस्तावित सर्वे को दूसरी जगह गैर उपजाऊ जमीन में करवाया जाए। समिति के अध्यक्ष जोगिंद्र वालिया ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बल्ह के किसानों की छाती पर मूंग दलने का कार्य कर रही है। उड़नखटोले में उड़ने वाले सीएम बल्ह के किसानों को उजाड़ने का जो सपना लिया है वह कदापि सहन नहीं किया जाएगा। अब बीजेपी सरकार (BJP Govt) के उजड़ने का समय नजदीक आ गया है। हिमाचल सरकार द्वारा वाप्कोस कंपनी से जो लिडार सर्वे करवाया जा रहा है वो सरासर बेमानी है। क्योंकि ओएलएस ने 2018 में जो सर्वे किया है, उसके मुताबिक केवल घरेलू उड़ान के लिए एयरपोर्ट ही बन पाएगा अन्यथा बंदली की पहाड़ियों को आधा किलोमीटर काटना होगा, जो संभव नहीं है।

यह भी पढ़ें: सुब्रह्मणयम स्वामी का सीएम जयराम पर तंज- तो क्या कांग्रेस का ही साथ देंगे

 


 

समिति के सचिव नंद लाल वर्मा ने कहा कि प्रस्तावित हवाई अड्डा से 8 गांव के अधिकतर किसान भूमिहीन हो जाएंगे। 2,000 परिवार जिनकी आबादी 12,000 से अधिक है, नकदी फसलें उगाकर अपना परिवार पाल रहा हैं वो पूरी तरह से रोजगार विहीन एवं पूरी तरह विस्थापित हो जाएंगे। इतनी घनी आबादी, जोकि नकदी फसलें जिसमें टमाटर, गोभी, मूली, पालक व अन्य फसलें उगाकर अपनी आजीविका कमा रहे हैं, उन्हें यहां से विस्थापित कर कहां पुनर्स्थापित किया जाएगा, इसके के लिए सरकार के पास कोई भी वैकल्पिक योजना नहीं है। प्रस्तावित हवाई क्षेत्र में जमीन के सर्किल रेट (Circle Rate) इतने कम हैं कि जमीन कोड़ियों के भाव जाएगी, दूसरी तरफ हिमाचल सरकार सर्किल रेट के अनुसार ही मुआवजा देने की बात कर रही है, जबकि बल्ह के किसान 3-4 लाख प्रति बीघा नकदी फसलों से प्रति वर्ष कमा रहा है।

यह भी पढ़ें: Himachal में सीटू का प्रदर्शन, मजदूरों की मांगों को लेकर भेजे ज्ञापन

 

 

समिति उपप्रधान गुलाम रसूल ने कहा कि अगर किसानों को बेदखल किया जाता है तो इस रेट में हिमाचल में कहीं भी उपजाऊ जमीन नहीं मिलेगी। किसान सहमे हुए हैं और उजड़ने का डर सत्ता रहा है। आज किसानों ने अपने खेतों में काम करते हुए सरकार से मांग की है कि प्रस्तावित हवाई अड्डे को किसी दूसरी जगह बनाकर इस क्षेत्र की रक्षा की जाए। बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति के नेतृत्वकारी किसानों की अध्यक्षता में गांव-कुम्मी में भवानी सिंह, गांव-जरलू में हरी राम चौधरी, गांव-टावा में प्रेम दास चौधरी, श्याम लाल चौधरी, दिले राम, अमर सिंह वालिया, गांव-स्यान में नंद लाल वर्मा, जय राम सैनी, गांव-डीनक में हलीम अंसारी, गुलाम रसूल, डुगराइ गांव में रोशन लाल, कनेड में श्याम लाल, ढाबन गांव में किशन सैनी, भौर गांव में जोगिन्दर वालिया की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए Subscribe करें हिमाचल अभी अभी का Telegram Channel… 

 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है