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#Bali बोले- पंचायत रोस्टर में गड़बड़, जरूरत पड़ी तो जाएंगे #Court- सम्मान निधि पर भी घेरी सरकार

कहा-किसान सम्मान निधि बिना गाइडलाइन के लोगों के खाते में डाली

#Bali बोले- पंचायत रोस्टर में गड़बड़, जरूरत पड़ी तो जाएंगे #Court- सम्मान निधि पर भी घेरी सरकार

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कांगड़ा। पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली (Former Transport Minister GS Bali) ने पंचायतीराज चुनाव रोस्टर (Panchayati Raj Election Roster) पर सवाल उठाए हैं। कांगड़ा में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पंचायत रोस्टर के साथ छेड़खानी हो रही है और गड़बड़ करने की कोशिश की जा रही है। अगर जरूरत पड़ी तो कांग्रेस (Congress) पंचायत रोस्टर को लेकर कोर्ट (#Court) का दरवाजा खटखटाएगी। साथ ही सरकार को चेताया जाएगा, अगर सरकार नहीं मानी तो आपस में चर्चा कर कोई फैसला लेंगे। पंचायत चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव (Panchayat Election) सही ढंग से करवाना सरकार का काम है। पंचायत चुनाव कोरोना एसओपी के तहत करवाएं जाएं।


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उन्होंने किसान सम्मान निधि को लेकर की जा रही रिकवरी पर भी बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब देश में लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) हुए तो किसानों को लुभाने के लिए सरकार ने सम्मान राशि के रूप में किसानों के खातों में राशि ट्रांसफर की। यह राशि बिना किसी गाइडलाइन और बिना किसानों की सहमति से डाली गई। इसका असर लोकसभा चुनाव पर भी पड़ा। लोगों को उस वक्त लगा कि उनके खाते में दो हजार की राशि लगातार आती रहेगी। इस स्कीम के कारण बीजेपी (BJP) कहीं ना कहीं वोटों को कन्वर्ट करने में कामयाब रही। पर अब अफसोस की बात है कि पहले बिना लोगों की सहमति से राशि खाते में डाल दी और अब गाइडलाइन बनाकर रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं और सरकार को गैर जिम्मेदाराना रवैया है।

बिना बेरिफाई किए और बिना सहमति के आप पैसे किसी के भी खाते में नहीं डाल सकते हैं। सरकार ने जल्दबाजी में इस स्कीम को लागू किया, सरकार की मंशा इसका राजनीतिक लाभ लेने की थी।
पूर्व मंत्री जीएस बाली ने कहा कि किसानों को सड़कों पर बैठे कई दिन गुजर गए हैं। सरकार उनकी मांगों को अच्छी तरह सुनने की जगह उन्हें ग्रुपों में बांटने में लगी है। आज पूरे देश में किसान अपने प्रोडक्ट का ठीक मूल्य मांग रहे हैं। पॉलिसी में चेंज मांगा जा रहा है। जो किसानों ने मांगा नहीं वो दो हजार खाते में डाल दिए। उन्होंने केंद्र सरकार (Central Government) से मांग की है कि किसानों के मुद्दे को जल्द से जल्द हल किया जाए।

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