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Freedom Fighter बिशन दत्त शर्मा नहीं रहे

Freedom Fighter बिशन दत्त शर्मा नहीं रहे

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सोलन। स्वतंत्रता सेनानी बिशन दत्त शर्मा का आज प्रातः उनके पैतृक आवास पर निधन हो गया। freedom-fighter-191 वर्षीय बिशन दत्त शर्मा सोलन जिले के कंडाघाट उपमंडल के वाकनाघाट के रिछाणा ग्राम के रहने वाले थे, उनका जन्म 18 अगस्त 1925 को हुआ था। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने स्वतंत्रता सेनानी बिशन दत्त शर्मा के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।

  • बिशन दत्त शर्मा का आज प्रातः उनके पैतृक आवास पर निधन
  • पूरे राजकीय सम्मान के साथ आज रिछाणा में हुआ अंतिम संस्कार

बिशन दत्त शर्मा का पूरे राजकीय सम्मान के साथ आज रिछाणा में अंतिम संस्कार किया गया। प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सोलन संदीप नेगी तथा उपमंडलाधिकारी कंडाघाट नीलम दुल्टा स्वतंत्रता सेनानी बिशन दत्त शर्मा की अंत्येष्टि में शामिल हुए एवं उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।  डॉ.freedom-fighter-2 कर्नल धनीराम शांडिल ने अपने शोक संदेश में कहा कि बिशन दत्त शर्मा ने वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने न केवल स्वयं स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़ कर भाग लिया, अपितु अन्य को भी विदेशी शासन के विरूद्ध लड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बिशन दत्त शर्मा के निधन से देश ने एक महान सपूत खो दिया है। देश एवं प्रदेशवासी उनके त्याग एवं समर्पण को सदैव याद रखेंगे।  सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संत्पत परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। बिशन दत्त शर्मा अपने पीछे 85 वर्षीय धर्म पत्नी, पांच पुत्रियां एवं एक पुत्र छोड़ गए हैं।  

राज्यपाल और सीएम ने जताया शोक 

राज्यपाल आचार्य देवव्रत और सीएम वीरभद्र सिंह ने वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी  बिशन दत्त शर्मा के निधन पर aachryaगहरा दुःख व्यक्त किया है। राज्यपाल ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकग्रस्त परिवार को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि  बिशन दत्त शर्मा महान स्वंत्रता सेनानी थे जिन्होंने 1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने न केवल  स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़ कर भाग लिया अपितु अन्यों को भी विदेशी शासन के विरूद्ध लड़ने के लिए प्रेरित किया।   वीरभद्र सिंह ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।

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