Covid-19 Update

2,04,887
मामले (हिमाचल)
2,00,481
मरीज ठीक हुए
3,495
मौत
31,329,005
मामले (भारत)
193,701,849
मामले (दुनिया)
×

शहादत : नौगाम के शहीद जवानों को अंतिम विदाई

शहादत : नौगाम के शहीद जवानों को अंतिम विदाई

- Advertisement -

सुबाथू में सैनिक सम्मान के साथ किया गया संस्कार

सोलन। शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मिटने वालों का यही बाकि निशां होगा। जम्मू-कश्मीर के नौगाम सेक्टर में शहादत का चोला ओढ़ कर आए हिमाचल के तीन वीर सपूत बुधवार दोपहर बाद तिरंगे में लिपट कर सोलन पहुंच गए। अपने लाडलों के अंतिम दर्शन के लिए उनके परिजन भी नेपाल से सुबाथू आ गए हैं। तीनों शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने के लिए पूरा सोलन उमड़ आया। सेना, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद जवानों को सलामी दी। अंतिम संस्कार के दौरान सामाजिक न्याय मंत्री धनीराम शांडिल, सांसद विरेंद्र कश्यप, सोलन के डीसी राकेश कंवर, एसपी अंजुम आरा और एसडीएम संदीप नेगी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इस मौके पर पाकिस्तान के खिलाफ खूब नारे भी लगे।

सैन्य व राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

गौर रहे कि जम्मू-कश्मीर के नौगाम सेक्टर में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहादत पाने वाले 14 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र के तीन जवानों का बुधवार को सैन्य व राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे पहले मंगलवार को उनके पार्थिव शरीर को सेना की पश्चिमी कमान के मुख्यालय चंडी मंदिर में रखा गया था, जो बुधवार दोपहर बाद सोलन पहुंच गए। गौर हो कि गोरखा रेजीमेंट के यह जवान एलओसी से सटे नौगाम सेक्टर में तैनात थे। शनिवार रात को आतंकवादियों ने उन पर हमला कर दिया।


यह भी पढ़ें : याद रहेगी कुर्बानीः अपनों के इंतजार में तिरंगें में लिपटे शहीदों के शव

मुठभेड़ में तीन भारतीय सैनिकों ने भारत माता की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। 14 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र सुबाथू से प्रशिक्षण प्राप्त करके1/4 जीआर में तैनात हवलदार गिरीश गुरुंग व 4/1 जीआर के राइफलमैन रॉबिन शर्मा मौके पर ही शहीद हो गए, जबकि 4/1 जीआर के हवलदार डमर बहादुर पुन ने अगले दिन दम तोड़ा। हवलदार गिरीश गुरुंग गाव नागीधार जिला काशी नेपाल, हवलदार डमर बहादुर पुन गाव कारिंग जिला कोलमी नेपाल व राइफलमैन रॉबिन शर्मा गाव चूना जिला परबत नेपाल के रहने वाले थे। सोमवार को दोपहर बाद सेना के हेलीकॉप्टर से तीनों शहीदों के पार्थिव शरीर सुबाथू लाए गए, लेकिन यहा शवगृह की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें चंडी मंदिर भेज दिया गया था।

 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है