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ट्रेन झांसी से लुधियाना की तरफ रवाना होनी थी…

ट्रेन झांसी से लुधियाना की तरफ रवाना होनी थी…

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कल रात सपने में आया कोरोना….

उसे देख जो मैं डरा….तो मुस्कुरा के बोला
मुझसे डरो ना…
उसने कहा- कितनी अच्छी है तुम्हारी संस्कृति।
न चूमते,न गले लगाते
दोनों हाथ जोड़ कर स्वागत करते,
मुझसे डरो ना..
कहां से सीखा तुमने ??
रूम स्प्रे ,बॉडी स्प्रे,
पहले तो तुम धूप, दीप कपूर अगरबत्ती,लोभान जलाते
वही करो ना,
मुझसे डरो ना…
शुरू से तुम्हें सिखाया गया
अच्छे से हाथ पैर धोकर घर में घुसो,
मत भूलो अपनी संस्कृति
वही करो ना
मुझसे डरो ना…
उसने कहा सादा भोजन उच्च विचार
यही तो है तुम्हारे संस्कार। उन्हें छोड़ जंक फूड फ़ास्ट फूड के चक्कर में पड़ो ना

मुझसे डरो ना…


उसने कहा शुरू से ही जानवरों को पाला-पोसा प्यार दिया
रक्षण की है तुम्हारी संस्कृति,उनका भक्षण करो ना
मुझसे डरो ना
कल रात मेरे सपने में आया कोरोना
बोला मुझसे डरो ना।

 

 

 

 

 

एक ग्रुप में चर्चा चल रही थी….

कि 21 दिन के लॉक डाउन के बाद
किसका चेहरा सबसे पहले देखना पसंद करेंगे ???
और मजे की बात यह कि 100%पुरुषों ने भी यही जवाब दिया।

 

 

 

 

 

सुबह 9 बजे रामायण देखते हुए टूकु को यह देखकर बहुत आश्चर्य हुआ…

कि राजा दशरथ की तीन रानियां थी।
वह बोला, ऐसा कैसे हो सकता है डैडी,
मेरी तो सिर्फ एक ही मम्मी है।
मैंने ठंडी सांस भर के कहा, हां क्या करें टूकु,
तेरी अगर तीन मम्मी होती तो कितना अच्छा होता…
भीतर से wife ने जोर से कहा,
12 बजे उसको महाभारत दिखाऊंगी जिसमें द्रोपदी के 5 पति थे।
एकदम खामोशी छा गई ।

 

 

 

 


 पत्नी : अब तो दाढ़ी बना लो !

पति : क्यों ? कोई प्रॉब्लम ??
पत्नी : बाजू वाली पूछ रही थी कि तुम्हारे घर जो बाबा आए हैं वह कोरोना का धागा देते हैं क्या?
5. घर पर बैठे-बैठे एक नया ज्ञान प्राप्त हुआ,
झाडू लगाते वक्त आगे जाना होता है
और पोंछा लगाते वक्त पीछे….

 

 

 

 

 

 

 

ट्रेन झांसी से लुधियाना की तरफ रवाना होनी थी…

रात दस बजे सभी डिब्बे खचाखच भर गए।

तिवारी जी भी चढ़ गए। जब उन्हें बैठने तक की जगह नहीं मिली तो उन्हें एक उपाय सूझा।
उन्होंने टॉयलेट जा कर मुंह पर रुमाल बांधा और वापस आकर धड़ाधड़ तीन चार छींक मार दी।
यात्री लोग डर के मारे सामान सहित उतर कर दूसरे डिब्बों में जाने लगे। अब वे ठाठ से, एक ख़ाली हुई ऊपर वाली सीट पर, बिस्तर लगा कर लेट गए। दिन भर के थके थे सो जल्दी ही नींद भी आ गई।
सवेरा हुआ और “चाय, चाय” की आवाज से नींद खुली।
गाड़ी स्टेशन पर खड़ी थी। बाहर निकले, चाय ली और चाय वाले से पूछा :-
“कौन सा स्टेशन है?
चाय वाले ने बताया, “झांसी” है।
तिवारी जी ने डांट कर कहा :”अबे, “झांसी” से तो रात को चले थे !
चाय वाला :: “इस डिब्बे में कोई CORONA का मरीज़ चढ़ आया था
इसलिए इस डिब्बे को यहीं काट दिया गया !!!!!!!!

 

 

 

 

 

 

2020 में वधुओं की अपेक्षाओं में भारी बदलाव
लड़का भारत में जॉब करने वाला हो,चीन,इटली,अमेरिका, दुबई,रूस जैसे फालतू देशों में जॉब करने वाला न हो।
भारत में भी दिल्ली, मुंबई, बंगलौर, पूना,जयपुर जैसे महानगरों का न हो।

 

 

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