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सावधान ! गेमिंग के शौकीन Hackers का नया टारगेट, Virus की मदद से चोरी कर सकते हैं डाटा

सावधान ! गेमिंग के शौकीन Hackers का नया टारगेट, Virus की मदद से चोरी कर सकते हैं डाटा

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नई दिल्ली। लॉकडाउन के समय लोगो काफी समय अपने फोन पर बिता रहे हैं और खासकर गेम्स खेलकर। ऐसे ही गेमिंग के शौकीन आजकल हैकर्स का नया टारेगट हैं। हाल में आई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि साइबर क्रिमिनल्स एक पॉप्युलर ट्रोजन मैलवेयर (Virus) की मदद से Discord यूजर्स के डेटा को एक्सेस कर रहे हैं। यह वायरस हैकर्स को यूजर के सिस्टम का पासवर्ड चुराने में मदद करता है। साइबर सिक्यॉरिटी एक्सपर्ट्स इस वायरस को काफी खतरनाक बता रहे हैं। यह Discord यूजर्स के टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को डिसेबल कर सेंसिटिव डेटा की चोरी कर लेता है। यह वायरस यूजर के सिस्टम के डाटा को एक्सेस करने के साथ यूजर के फ्रेंड्स के सिस्टम में भी पहुंच सकता है। इसी साल अप्रैल में ट्रोजन को मिला नया अपडेट इसे एंटीवायरस सिक्यॉरिटी में सेंधमारी करने में मदद कर रहा है। AnarchyGrabber3 नाम का यह वायरस हैकर फोरम्स पर फ्री में उपलब्ध है। यह इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि इससे की जाने वाली हैकिंग के कई वीडियो यूट्यूब पर भी मौजूद हैं। ब्लीपिंग कंप्यूटर की एक रिपोर्ट के अनुसार इन यूट्यूब विडियोज में Discord यूजर टोकन्स को चुराने का तरीका भी बताया गया है। हैकर्स बड़ी आसानी से ट्रोजन को डिस्कॉर्ड पर फैला देते हैं।

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गेम के चीट कोड से यूजर्स के सिस्टम में पहुंचता है वायरस

यूजर्स के सिस्टम में यह वायरस गेम के चीट कोड, हैकिंग टूल या कॉपिराइट सॉफ्टवेयर के रूप में एंटर करता है। इसके बाद एनार्कीग्रैबर यूजर के कंप्यूटर या स्मार्टफोन में इंस्टॉल हो जाता है। इंस्टॉल होने के बाद डिस्कॉर्ड क्लाइंट के जावास्क्रिप्ट फाइल्स में बदलाव कर देता है। ऐसा होने के बाद वायरस यूजर के डिस्कॉर्ड टोकन से डेटा की चोरी शुरू कर देता है। एनार्कीग्रैबर 3 के बारे में रिसर्चर्स ने बताया कि यह डिस्कॉर्ड क्लाइंट के index.js फाइल को मोडाफाइ करके ‘discordmod.js’ नाम के एक मलीशस स्क्रिप्ट को लोड कर देता है। इसके बाद जब भी यूजर सिस्टम में लॉगइन करने की कोशिश करता है तो यह वायरस टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन को डिसेबल कर देता है।

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शिकार के दोस्तों को भी टारगेट करते हैं हैकर

टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन के खराब होने के बाद हैकर वेबहुक की मदद से यूजर के ईमेल आईडी, लॉगइन नेम, यूजर टोकन, प्लेन टेक्स्ट पासवर्ड और आईपी अड्रेस को एक डिस्कॉर्ड चैनल पर पहुंचा देते हैं। इसके साथ ही हैकिंग में साइबर क्रिमिनल्स कमांड देकर विक्टिम यूजर के फ्रेंड्स के सिस्टम में भी इस ट्रोजन वायरस की एंट्री करवा सकते हैं। 5 साल से भी कम के समय में गेमर्स के बीच डिस्कॉर्ड कम्यूनिटी की पॉप्युलैरिटी तेजी से बढ़ी है। दुनियाभर में डिस्कॉर्ड के रजिस्टर्स यूजर्स की संख्या 25 करोड़ है। इसमें से 1.5 करोड़ यूजर ऐसे हैं जो रोज इस गेम को खेलते हैं। यूजर्स के बीच जबरदस्त पॉप्युलैरिटी ने इसे हैकर्स के लिए एक सॉफ्ट टारगेट बना दिया है।

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