Covid-19 Update

2,05,499
मामले (हिमाचल)
2,01,026
मरीज ठीक हुए
3,504
मौत
31,526,622
मामले (भारत)
196,707,763
मामले (दुनिया)
×

गैंगरेपः Highcourt ने निचली अदालत का फैसला पलटा, 3-3 साल की सजा सुनाई

गैंगरेपः Highcourt ने निचली अदालत का फैसला पलटा, 3-3 साल की सजा सुनाई

- Advertisement -

Gangrepe : शिमला। प्रदेश हाईकोर्ट ने नाबालिग से हुए गैंगरेप में पांच लोगों को दोषी ठहराते हुए उन्हें 3-3 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इन पांचों दोषियों को 50-50 रुपये जुर्माना अदा करने की भी सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने इन आरोपियों से लिया जाने वाला यह हर्जाना पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।  जस्टिस धर्मचन्द चौधरी और जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने सत्र न्यायाधीश कुल्लू के फैसले को पलटते हुए रघुवीर सिंह, हरी राम, रवि प्रकाश, सुनील कुमार और विजय कुमार को यह सजा सुनाई। पीड़िता के अनुसार दोषियों ने 8 जुलाई 1989 को पीड़ित नाबालिग लड़की मनाली के एक वीडियो पार्लर में फिल्म देख रही थी। वहां उसे दोषी विजय कुमार ने शादी करने का झांसा दिया और उसे एक जिप्सी में रवि और मुन्ना के साथ बिठाकर सोलंगनाला की तरफ ले गया।  सोलंगनाला पहुंचने पर जिप्सी को पार्किंग में खड़ा कर दोषी विजय कुमार नाबालिग लड़की को नदी के पास बड़े पत्थर के पीछे ले गया और उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। यही नहीं, दोषी रवि और मुन्ना के साथ-साथ एक अन्य वैन में आए सुनील, बिट्टू और निनू ने भी पीड़िता से गैंग रेप किया। इसके बाद टिक्कम, रघु महंत, मुन्ना, रवि और नीनू ने फिर से पीड़ित के साथ दुष्कर्म किया। इनके चंगुल से निकलकर पीड़िता किसी तरह बचकर घर पहुंची और घटना की आपबीती अपनी मां को बताई।

पांचों दोषियों को 50-50 रुपये जुर्माना अदा करने की भी सजा

घटना के दूसरे दिन इस संबंध में मामला पुलिस थाना मनाली में दर्ज करवाया गया। मामला दर्ज होने पर अभियोजन पक्ष ने दोष साबित करने के लिए निचली अदालत में 10 गवाहों को पेश किया था। निचली अदालत ने साक्ष्यों को अपर्याप्त बताते हुए दोषियों को बरी कर दिया था। इस फैसले को सरकार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसे स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने फिर से ट्रायल कोर्ट को फैसला करने के आदेश दिए। दोबारा निचली अदालत ने इन्हें साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया था। इसके बाद सरकार ने फिर से हाईकोर्ट में अपील दायर की। हाईकोर्ट ने इस अपील को स्वीकार करते हुए कहा कि निचली अदालत ने साक्ष्यों को ठीक ढंग से नहीं परखा। इस कारण दोषियों को समय पर निचली अदालत से सजा नहीं हो पाई।


- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है