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सुनो भाई ! कूड़ा यहां-वहां फेंका तो बिजली-पानी बंद

सुनो भाई ! कूड़ा यहां-वहां फेंका तो बिजली-पानी बंद

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शिमला। हिमाचल को डेनमार्क बनाना है तो यहां कूड़े को सांइटिफिक तरीके से ठिकाने लगाना ही होगा। हिमाचल और डेनमार्क की भौगोलिक परिस्थितियां एक जैसी हैं और जब डेनमार्क कूड़े को सही रूप में ठिकाने लगा सकता है तो हिमाचल क्यों नहीं। डेनमार्क में कूड़े से बिजली बनाई जा रही है और यह देश दूसरे देशों से भी कूड़ा मांग रहा है। डेनमार्क आज अपनी जरूरत की 17फीसदी बिजली कूड़े से ही पैदा कर रहा है। गौर हो कि डेनमार्क का वातावरण बहुत साफ है और यह देश आज कई अन्य देशें के लिए इस दिशा में मिसाल बना है।

  • शिमला में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यशाला में फैसला, नियमों में होगा बदलाव

हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यशाला में इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा हुई। इसमें आए अधिकारियों को बताया गया कि नए ठोस कूड़ा कचरा प्रबंधन 2016  में क्या प्रावधान किए गए हैं, उसके बारे में जानकारी दी गई।

  • shimlaकार्यशाला में बताया गया कि शहरी क्षेत्रों में कूड़ा इधर-उधर फेंकने वालों की अब खैर नहीं। अब नगरवासियों ने घर से बाहर कूड़ा फेंका या फिर कूड़े को जलाया तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। उनका बिजली व पानी का कनेक्शन कट सकता है।

इसके अलावा अब यदि स्थानीय शहरी निकायों ने नए कानूनों का सही रूप में पालन न करवाया तो उनके खिलाफ भी एक्शन होगा। इनके खिलाफ पीसीबी कार्रवाई करेगा। कार्यशाला में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। इससे निपटने में बोर्ड लगा है। उन्होंने कहा कि ठोस कूड़ा कचरे को ठिकाने लगाने को निगमों में अहम बदलाव किए गए हैं। उनका करना था कि ठोस कूड़े कचरे के कारण नगरों में बहुत गंदगी फैल रही है।

meet-1इसके लिए लेगों को जागरूक करना है। पठानिया ने कहा कि अब गंदगी फैलाने पर नगर निकायों पर भी जुर्माना लगेगा। इसके अलावा अब कूड़ा पैदा करने वाले लोगों पर भी जुर्माना का प्रावधान है। कार्यशाला में बोर्ड के सदस्य सचिव संजय सूद ने नए रूल्ज को लेकर प्रेजेंटेशन दी। इसमें उन्होंने बताया कि यदि अब कानून को सख्ती से लागू न किया गया सब पर कार्रवाई होगी। अब बोर्ड के अधिकारी और शहरी निकायों के अधिकारी और आमजन भी जुर्माने की जद में आएंगे। उन्होंने कहा कि यदि हिमाचल को स्वच्छ भारत अभियान में सबसे ऊपर आना है तो ठोस कूड़े-कचरे का सही निपटान जरूरी है। अब हर घर से कूड़ा उठाया जाना चाहिए। इससे जहां वादियां हरी भरी रहेंगी, वहीं पानी की साफ रहेगा। सूद ने कहा कि राज्य में शहरी निकायों में 320 मिट्रिक टन कूड़ा हर दिन पैदा हो रहा है और इसका सही निपटान सबकी जिम्मेदारी है। उनका कहना था कि राज्य में कुल 61 शहरी निकायों हैं और इनमें नए कानूनों का सख्ती से पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजधानी में कुछ माह पहले फैले पीलिया से सबक लेने की जरूरत है और सबको मिलकर कूड़े को ठिकाने लगाने के मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। ठोस कूड़ा प्रबंधन को लेकर बने रूल्ज के प्रति स्थानीय निकायों को जागरूक करने के लिए आयोजित कार्यशाला में नगर निगमों के अधिकारियों के साथ-साथ कई नगर परिषदों और नगर निकायों के प्रतिनिधि भी शरीक हुए। कार्यशाला में शहरी विकास विभाग के निदेशक आरके प्रूथी, ठोस कूड़ा प्रबंझन के एक्सपर्ट शरद पी. काले समेत कई अधिकारी भी मौजूद थे।

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