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लहसुन ने रोक दिए नौजवान बाहर जाने से, Himachal के एक जिले में घर में है रोजगार

लहसुन ने रोक दिए नौजवान बाहर जाने से, Himachal के एक जिले में घर में है रोजगार

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हिमाचल प्रदेश का एक इलाका ऐसा भी है यहां के नौजवानों को बाहर जाने से अगर किसी ने रोका है तो लहसुन की खेती ने। यहां घर में ही युवाओं को रोजगार (Employment) के साधन उपलब्ध हैं। बात हो रही है कुल्लू शहर से सटे बदाह क्षेत्र (Badah of Kullu district in Himachal) की। शुरूआत की इस गांव के राकेश कुमार और गुप्त राम ने । कुछ बीघा जमीन पर ही लहसुन, गोभी, शिमला मिर्च और अन्य नकदी फसलें उगाकर ये दोनों युवा हर सीजन में लाखों की आय अर्जित करने लगे तो गांव के दूसरे युवाओं के लिए भी प्रेरणास्तोत्र बन गए।

25 से 30 क्विंटल तक लहसुन की पैदावार कर रहे

राकेश कुमार ने बताया कि वह अपनी पांच बीघा जमीन पर हर सीजन में 25 से 30 क्विंटल तक लहसुन (Garlic farming) की पैदावार कर रहे हैं। उन्हें घर में ही या स्थानीय सब्जी मंडी में लहसुन के अच्छे दाम मिल जाते हैं। इसके अलावा वह गोभी व अन्य सब्जियां भी उगाते हैं। खेतों के किनारों पर उन्होंने नाशपातीए जापानी फल और अन्य फलदार पेड़ लगाए हैं। साल भर में अलग-अलग सीजन के अनुसार नकदी फसलों से उन्हें घर में ही अच्छी आय होती है और उन्हें रोजगार के लिए बाहर जाने की जरुरत ही नहीं पड़ती है।

बेमौसमी सब्जियों से भी अच्छी कमाई हो रही

बदाह के साथ ही लगते गांव ब्याचक के गुप्त राम की कहानी भी कुछ.कुछ राकेश कुमार की तरह ही है। स्कूल छोड़ने के बाद रोजगार की तलाश करना गुप्त राम के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती थी। घर में पुश्तैनी जमीन भी बहुत कम थी। सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा बाजार में नकदी फसलों के अच्छे दाम मिलने की संभावनाओं को देखते हुए गुप्त राम ने तीन वर्ष पहले बदाह के पास ही लगभग पांच बीघा जमीन ठेके पर ली और उस पर लहसुन तथा अन्य नकदी फसलों की खेती शुरू की। अपनी मेहनत के बल पर गुप्त राम आज इन खेतों में लहसुनए गोभी व अन्य नकदी फसलों (Cash crops) के रूप में सोना उगा रहे हैं। एक सीजन में वह 20 से 25 क्विंटल तक लहसुन पैदा कर रहे हैं। अन्य बेमौसमी सब्जियों से भी उन्हें अच्छी कमाई हो रही है।

अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बने हुए

राकेश कुमार और गुप्त राम घर में ही खेती के माध्यम से स्वरोजगार (Self employment) पैदा करके ना केवल अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं, बल्कि अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। कृषि उपनिदेशक राजपाल शर्मा का कहना है कि कुल्लू जिला में लगभग 950 हैक्टेयर भूमि में लहसुन की खेती की जाती है जिसमें 19680 मीट्रिक टन से अधिक की पैदावार होती है। जिला में लहसुन की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु है और यहां की मिट्टी भी इसके अनुकूल है। किसानों को लहसुन की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है जिससे उनकी आर्थिकी को संबल मिला है।

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