Covid-19 Update

1,98,313
मामले (हिमाचल)
1,89,522
मरीज ठीक हुए
3,368
मौत
29,439,989
मामले (भारत)
176,417,357
मामले (दुनिया)
×

अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव: गद्दी पर बैठे राजा के सामने नतमस्तक हुए देवता

अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव: गद्दी पर बैठे राजा के सामने नतमस्तक हुए देवता

- Advertisement -

कुल्लू। दशहरा उत्सव के समापन होने से एक दिन पूर्व मोहल्ला की रस्म निभाई जाती है, जिसके चलते कुल्लू की रूपी रियासत के राजा जगत सिंह के वंशज एवं भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह पारंपारिक राजाओं की वेष भूषा में सज धज कर ढालपुर में लगी चानणी में राजगद्दी पर बैठे। इस दौरान जिलाभर से आए हुए देवी-देवता बारी-बारी आकर गद्दी पर बैठे राजा के सामने नतमस्तक हुए। यह दृश्य हजारों लोगों ने देखा। यही नहीं सभी देवी-देवताओं का रघुनाथ जी के रजिस्टर में बाकायदा एंट्री होने के बाद देव महामिलन हुआ इस देव महामिलन को मुहल्ला कहते हैं। इसके पश्चात देवी-देवताओं के दशहरा पर्व में रघुनाथ के दरबार में विधिवत रूप से शक्ति का आह्वान किया गया। देवी हडिंबा माता को फूलों का गुच्छा दिया गया, जिसे शेष कहा जाता है उसके मिलते ही मुहल्ला पर्व शुरू हुआ।

मुहल्ला के बाद निकाली गई राजा की जलेब

मुहल्ला पर्व में ही देवी-देवता रघुनाथ के रथ पर हाजिरी भरते हैं और रघुनाथ के पुजारी ने रथ पर बैठकर बाकायदा देवताओं के नाम रजिस्टर में दर्ज किए। लेकिन, सबसे पहले हडिंबा देवी का नाम दर्ज करने की परंपरा है। मुहल्ला के बाद राजा की जलेब निकाली गई और इस जलेब में महाराजा कोठी और जिला मुख्यालय के साथ लगती अन्य घाटियों के देवी-देवताओं ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। लिहाजा, 1660 इसवी में शुरू हुई दशहरा उत्सव की परंपरा का आज भी निर्वाहन किया गया। उस दौरान दशहरा उतसव का आगाज तत्कालीन राजा जगत सिंह द्वारा किया गया था। राजा ने उस दौरान अपनी गद्दी को नरसिंह भगवान को सौंप दिया था और स्वयं भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार बन गए थे। उस घटना को याद रखने और उस दौरान की परंपरा जिंदा रहे इसके लिए इस घटना को परंपराओं में दोहराया जाता है। 


- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है