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Jai Ram का स्वर्ण जयंती बजट, हर वर्ग को खुश करने की कोशिश- 20 हजार को नौकरी

Jai Ram का स्वर्ण जयंती बजट, हर वर्ग को खुश करने की कोशिश- 20 हजार को नौकरी

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शिमला। सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) ने आज तीसरा बजट पेश किया। हिमाचल के संपूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त करने के 50वें वर्ष पर यह बजट प्रस्तुत किया गया है। इसलिए इसे जयराम का स्वर्ण जयंती बजट भी कहे तो गलत न होगा। सीएम जयराम ठाकुर ने बजट प्रस्तुत करने का आरंभ भी 2020-21 को हिमाचल स्वर्ण जयंती वर्ष के रूप में मनाने का ऐलान किया है। इस बजट में जयराम सरकार ने हर वर्ग को खुश करने को कोशिश की है। कर्मचारी, महिला, युवा, बुजुर्ग और छात्रों के लिए कई ऐलान किए हैं। बजट में रोजगार के अवसर भी मुहैया करवाने का ऐलान किया है। ऐसे में बजट को उम्मीदों और अवसरों का बजट भी कहे तो भी गलत नहीं होगा।

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उम्मीदों का बजट ऐसे कहा जा सकता है कि कृषि और पर्यटन आदि क्षेत्र में कई योजनाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। सड़क के वंचित क्षेत्रों को सड़कों को जोड़ने की बात की गई है। अवसर की बात करें तो जयराम ने रोजगार के अवसर मुहैया करवाने का वादा किया है। इसमें सरकारी क्षेत्र और निजी क्षेत्र में रोजगार शामिल हैं। इसके लिए रोजगार मेले और कैंपस इंटरव्यू आयोजित होंगे। बजट में जयराम सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाया है।


 

वर्ष 2020-21 में भरे जाएंगे 20 हजार पद

वर्ष 2020-21 में 20 हजार खाली पद भरे जाने का लक्ष्य रखा है। इसमें 3 हजार पद राज्य विद्युत बोर्ड, 1 हजार पर कांस्टेबल, लगभग 5 हजार पद शिक्षा विभाग, 1300 पद एचआरटीसी तथा लोक निर्माण विभाग, राजस्व, वन, पशुपालन तथा अन्य विभागों के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी शामिल हैं।

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समय पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देष्य से 2020-21 में ग्राम पंचायत पशु चिकित्सा सहायकों के 120 पद भरे जाएंगे। 50 हजार अतिरिक्त पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जाएगी और विधवा, दिव्यांगजन की पेंशन राशि को 850 से बढ़ाकर 1 हजार रुपए प्रतिमाह किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिका़ सिलाई अध्यापिका, मिड डे मील वर्कर, वाटर गार्ड, पैरा फिटर, पैरा पंप ऑपरेटर व पंचायत चौकीदार आदि के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है।

 

किसानों और बागवानों के एफपीओएस के लिए 20 करोड़ का कृषि कोष

वर्ष 2020-21 की वार्षिक योजना 7900 करोड़ रुपए होगी। विधायक प्राथमिकता योजनाओं के लिए प्रति विधानसभा चुनाव क्षेत्र धनराशि सीमा 120 करोड़ रुपए होगी। विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना के अंतर्गत अब 1 करोड़ 75 लाख रुपए तथा विवेक अनुदान राशि 10 लाख रुपए होगी। किसानों और बागवानों के एफपीओएस के लिए 20 करोड़ का कृषि कोष।

हींग और केसर की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि से संपन्नता योजना (KSY) आरंभ होगी। प्रधानमंत्री कृषि योजना के अंतर्गत 338 करोड़ की लागत से 111 लघु सिंचाई योजनाओं का कार्य पूरा किया जाएगा और 87 करोड़ की लागत से 4 नई योजनाएं भारत सरकार द्वारा अनुमोदित की जाएंगी। कोमांड एरिया डिवेलपमेंट (CAD) योजना के अंतर्गत किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने पर बल दिया गया है। कृषि उत्पाद संरक्षण एंटी हेलनेट योजना के अंतर्गत हेल नेट के लिए बांस अथवा स्टील के स्थाई स्ट्रक्चर पर 50 फीसदी अनुदान देय होगा।

 

आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए टॉप अप योजना

925 किलोमीटर वाहन योग्य कच्ची सड़कों, 900 किलोमीटर सड़कों पर क्रॉस ड्रेनेज, 1800 किलोमीटर पक्की सड़कों, 75 पुलों के निर्माण तथा 90 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्री प्राइमरी में बच्चों के लिए स्वस्थ बचपन योजना के अंतर्गत भोजन की व्यवस्था होगी। आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए नई बाल पोषाहार टॉप अप योजना लागू होगी। नया निवेश आकर्षित करने के लिए हिमाचल प्रदेश निवेश प्रोत्साहन अभिकरण की स्थापना का ऐलान किया गया है। नए उद्यमों के लिए हिम स्टार्टअप योजना शुरू होगी।

चर्मकारों, बुनकरों, दस्तकारों और अन्य शिल्पियों तथा दस्तकारों के लिए नई योजना पारंपरिक हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्लस्टर परियोजना परंपरा शुरू होगी। इसके लिए 58 हजार करोड़ रुपए व्यय होंगे। पांगी घाटी के 1 हजार घरों में 250 वॉट के ऑफ ग्रिड सौर उर्जा संयंत्र स्थापित होंगे। धर्मशाला में इंस्टीच्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट और सुंदरनगर में फूड क्रॉफ्ट इंस्टीच्यूट की स्थापना होगी। 60 वर्ष से अधिक आयु वाले बुजुर्गों को आयुर्वेदिक दवाइयां मुफ्त दी जाएंगी। शहरी स्थानीय निकायों को अनुदान राशि 61.74 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 207 करोड़ रुपए तथा छावनी क्षेत्रों को लिए पहली बार यह अनुदान दिया जाएगा। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 2024 से पहले प्रदेश के सभी घरों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। 2020-21 में एक लाख घरों को शुद्ध पीने के पानी के कनेक्शन दिए जाएंगे।

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