Covid-19 Update

58,800
मामले (हिमाचल)
57,367
मरीज ठीक हुए
983
मौत
11,137,922
मामले (भारत)
115,172,098
मामले (दुनिया)

गोपाष्टमी पर करें गाय की पूजा, पूरी होगी सभी मनोकामनाएं

गोपाष्टमी पर करें गाय की पूजा, पूरी होगी सभी मनोकामनाएं

- Advertisement -

गोपाष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित है। इसी दिन उन्हें वनप्रांतर में गोचारण की अनुमति मिली थी। गऊओं की पूजा भगवान श्री कृष्ण को बेहद प्रिय है तथा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इनमें सभी देवताओं का वास माना जाता है। गोपाष्टमी का पूजन कार्तिक माह की शुक्ल अष्टमी को किया जाता है।इस दिय गाय की पूजा करना शुभ माना जाता है। इससे सभी मनोकामनाएं पूरी होगी है। 

इस शुभ अवसर पर गौशाला में गोसंवर्धन हेतु गौ पूजन का आयोजन किया जाता है। गौमाता पूजन कार्यक्रम में सभी लोग परिवार सहित उपस्थित होकर पूजा-अर्चना करते हैं। गोपाष्टमी की पूजा विधि पूर्वक विद्वान पंडितों द्वारा संपन्न की जाती है। बाद में सभी को प्रसाद वितरण किया जाता है। सभी लोग गौ माता का पूजन कर उसके वैज्ञानिक तथा आध्यात्मिक महत्व को समझ गौ रक्षा व गौ संवर्धन का संकल्प करते हैं।

शास्त्रों में गोपाष्टमी पर्व पर गायों की विशेष पूजा करने का विधान निर्मित किया गया है। इसलिए कार्तिक माह की शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि को प्रात:काल गोवंश को स्नान कराकर, उन्हें सुसज्जित करके गन्ध पुष्पादि से उनका पूजन करना चाहिए। इसके पश्चात यदि संभव हो तो गायों के साथ कुछ दूर तक चलना चाहिए कहते हैं, ऐसा करने से प्रगति के मार्ग प्रशस्त होते हैं।

गायों को भोजन कराना चाहिए तथा उनकी चरण को मस्तक पर लगाना चाहिए। ऐसा करने से सौभाग्य की वृध्दि होती है। गोशाला के लिए दान दें। गोधन की परिक्रमा करना अति उत्तम कर्म है। गोपाष्टमी को गऊ पूजा के साथ गऊओं के रक्षक ‘ग्वाले या गोप’ को भी तिलक लगा कर उन्हें मीठा खिलाएं।

ज्योतिषियों के अनुसार गोपाष्टमी पर पूजन करने से भगवान प्रसन्न होते हैं, उपासक को धन और सुख-समृ्द्धि की प्राप्ति होती है और घर-परिवार में लक्ष्मी का वास होता है।एक पौराणिक कथा अनुसार बालक कृष्ण ने मां यशोदा से गायों की सेवा करने की इच्छा व्यक्त की कृष्ण ने कहा कि मां मुझे गाय चराने की अनुमति मिलनी चाहिए। उनके कहने पर शांडिल्य ऋषि द्वारा अच्छा समय देखकर उन्हें भी गाय चराने ले जाने दिया जो समय निकाला गया, वह गोपाष्टमी का शुभ दिन था।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है